सिद्धार्थनगर जिले के खुनियांव विकास खंड स्थित मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नज्म और नाटकों सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उपस्थित लोगों को 26 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व और संविधान के उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सहायक अध्यापक रिजवान अहमद ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो देश के नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही के प्रबंधक शमशुल्लका ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने 26 जनवरी के महत्व, संविधान की गरिमा और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला, साथ ही सभी को संविधान के आदर्शों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही के प्रबंधक शमशुल्लका, सहायक अध्यापक रिजवान अहमद, मौलाना अब्दुल कादिर और सहायक अध्यापिकाओं में आफरीन, यासमीन, रुखसार फातिमा उपस्थित रहीं। अभिभावकों में मोहम्मद नफीस, इजहार, अब्दुस्सलाम, खालिद, अली हसन, रजियुद्दीन और नियाज अहमद भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही में संविधान पर चर्चा:छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं
सिद्धार्थनगर जिले के खुनियांव विकास खंड स्थित मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नज्म और नाटकों सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उपस्थित लोगों को 26 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व और संविधान के उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सहायक अध्यापक रिजवान अहमद ने कार्यक्रम का मंच संचालन किया। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि भारत का संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जो देश के नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही के प्रबंधक शमशुल्लका ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने 26 जनवरी के महत्व, संविधान की गरिमा और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला, साथ ही सभी को संविधान के आदर्शों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में मदरसा कमरुलहुदा कुसम्ही के प्रबंधक शमशुल्लका, सहायक अध्यापक रिजवान अहमद, मौलाना अब्दुल कादिर और सहायक अध्यापिकाओं में आफरीन, यासमीन, रुखसार फातिमा उपस्थित रहीं। अभिभावकों में मोहम्मद नफीस, इजहार, अब्दुस्सलाम, खालिद, अली हसन, रजियुद्दीन और नियाज अहमद भी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।





































