बलरामपुर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने निराश्रित बच्चों के साथ समय बिताया। उन्होंने डीएम आवास पर 25 बच्चों को आमंत्रित कर उनके साथ भोजन किया और उनसे संवाद किया। यह पहल मानवीय संवेदना और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बनी। जिन बच्चों के माता-पिता में से एक या दोनों का निधन हो चुका है और जिनके कानूनी अभिभावक स्वयं जिलाधिकारी हैं, ऐसे बच्चों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को बाल विकास योजना और स्पॉन्सरशिप योजना के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, उन्हें स्कूल बैग, पानी की बोतलें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। यह सामग्री बच्चों के शैक्षिक सफर को मजबूत करने के उद्देश्य से दी गई। जिलाधिकारी जैन ने कहा कि समाज के ऐसे बच्चों को संरक्षण, स्नेह और सम्मान देना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक मानवीय कर्तव्य है। उन्होंने जोर दिया कि जब इन बच्चों को अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे आगे चलकर समाज और राष्ट्र के सशक्त स्तंभ बनते हैं। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
डीएम ने निराश्रित बच्चों संग किया भोजन:गणतंत्र दिवस पर डीएम आवास पर बांटे स्वीकृति पत्र और शैक्षणिक सामग्री
बलरामपुर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने निराश्रित बच्चों के साथ समय बिताया। उन्होंने डीएम आवास पर 25 बच्चों को आमंत्रित कर उनके साथ भोजन किया और उनसे संवाद किया। यह पहल मानवीय संवेदना और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बनी। जिन बच्चों के माता-पिता में से एक या दोनों का निधन हो चुका है और जिनके कानूनी अभिभावक स्वयं जिलाधिकारी हैं, ऐसे बच्चों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया। जिलाधिकारी ने बच्चों के साथ एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को बाल विकास योजना और स्पॉन्सरशिप योजना के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, उन्हें स्कूल बैग, पानी की बोतलें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। यह सामग्री बच्चों के शैक्षिक सफर को मजबूत करने के उद्देश्य से दी गई। जिलाधिकारी जैन ने कहा कि समाज के ऐसे बच्चों को संरक्षण, स्नेह और सम्मान देना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक मानवीय कर्तव्य है। उन्होंने जोर दिया कि जब इन बच्चों को अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे आगे चलकर समाज और राष्ट्र के सशक्त स्तंभ बनते हैं। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) और जिला प्रोबेशन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।





































