सिद्धार्थनगर में खेसरहा क्षेत्र के ग्राम बनौली में आयोजित नौ दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ के तहत रात्रिकालीन रामलीला का भव्य और सजीव मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का वध का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों की सशक्त संवाद अदायगी, जीवंत अभिनय, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और भव्य मंच सज्जा ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। ताड़का वध का दृश्य समाप्त होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इसके बाद राम-लक्ष्मण के जनकपुर प्रवेश का दृश्य प्रस्तुत किया गया। जनकपुर की भव्य झांकी, राजसी वेशभूषा और पारंपरिक संगीत ने मंचन को और भी आकर्षक बना दिया। नगरवासियों द्वारा राम-लक्ष्मण के स्वागत का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रामनारायण तिवारी, दिवाकर त्रिपाठी, रविंद्र त्रिपाठी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, श्याम प्रसाद त्रिपाठी, छागुर राम, बहाल नाई एवं रूदल साहनी का विशेष सहयोग रहा। रामलीला कार्यक्रम के आयोजक पंडित अशोक शास्त्री ने सभी सहयोगियों, कलाकारों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन सफल हो पाते हैं।
ताड़का वध के बाद लगे जय श्रीराम के उद्घोष:बनौली में रामलीला का मंचन देखने उमड़े दर्शक, भक्तिमय रहा माहौल
सिद्धार्थनगर में खेसरहा क्षेत्र के ग्राम बनौली में आयोजित नौ दिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ के तहत रात्रिकालीन रामलीला का भव्य और सजीव मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का वध का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों की सशक्त संवाद अदायगी, जीवंत अभिनय, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और भव्य मंच सज्जा ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। ताड़का वध का दृश्य समाप्त होते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इसके बाद राम-लक्ष्मण के जनकपुर प्रवेश का दृश्य प्रस्तुत किया गया। जनकपुर की भव्य झांकी, राजसी वेशभूषा और पारंपरिक संगीत ने मंचन को और भी आकर्षक बना दिया। नगरवासियों द्वारा राम-लक्ष्मण के स्वागत का दृश्य दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रामनारायण तिवारी, दिवाकर त्रिपाठी, रविंद्र त्रिपाठी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, श्याम प्रसाद त्रिपाठी, छागुर राम, बहाल नाई एवं रूदल साहनी का विशेष सहयोग रहा। रामलीला कार्यक्रम के आयोजक पंडित अशोक शास्त्री ने सभी सहयोगियों, कलाकारों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन सफल हो पाते हैं।











































