श्रावस्ती में भाजपा नेता ने UGC गाइडलाइंस पर उठाए सवाल:कुछ नए प्रावधानों को बताया बच्चों के हितों के खिलाफ, संशोधन की मांग

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श्रावस्ती जिले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की नई गाइडलाइंस को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी का एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने “मन की बात नहीं सुनेंगे, सेम ऑन यूजीसी” लिखा है। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उदय प्रकाश त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध सीधे तौर पर यूजीसी से नहीं, बल्कि 13 जनवरी 2026 से लागू होने वाले कुछ नए प्रावधानों से है। उन्होंने बताया कि यूजीसी का मूल अधिनियम 2012 से प्रभावी है, लेकिन हाल ही में जोड़े गए संशोधनों से भविष्य में छात्रों के हितों को नुकसान पहुँच सकता है। उदय प्रकाश त्रिपाठी ने कहा, “हम संशोधन की बात कर रहे हैं, विरोध नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि कुछ नए नियमों में सवर्ण समाज को ही शोषक मान लिया गया है। ‘मन की बात’ संबंधी पोस्ट पर सफाई देते हुए त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने यह पोस्ट उस दिन लिखा था जब प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम प्रसारित होना था और उनकी व्यक्तिगत इच्छा उसे सुनने की नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका कोई राजनीतिक संदेश निकालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में ब्राह्मण समाज सुरक्षित है और उनका अपमान नहीं हो रहा है। त्रिपाठी के अनुसार, “हम यह नहीं कह रहे कि भाजपा में ब्राह्मणों का अपमान हो रहा है, लेकिन कुछ फैसले ऐसे हैं जो सोचने पर मजबूर करते हैं।” खुद को भाजपा का सक्रिय सदस्य बताते हुए उन्होंने कहा कि इस्तीफा देना किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी के भीतर रहकर प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री तक अपनी बात पहुँचाई जाए और आवश्यक संशोधन कराए जाएँ।

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