श्रावस्ती के कटरा क्षेत्र स्थित तेंदुआ पंडित में राज नारायण शुक्ल द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन आचार्य कथावाचक श्री सर्वेश जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद के जन्म और उनकी अटूट भक्ति की कथा का वर्णन किया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चों ने भाग लिया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान राज नारायण शुक्ल और माधुरी शुक्ला ने व्यास पीठ की आरती करके किया। इसके बाद शिव पाल शुक्ला, श्याम नारायण शुक्ल, प्रमोद शुक्ला, मनोज शुक्ला, पवन कुमार शुक्ला सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में हिस्सा लिया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर कथा व्यास ने देशभक्ति भजन “वो भारत देश है मेरा” के साथ कथा का संगीतात्मक आरंभ किया। कथा व्यास श्री सर्वेश जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से मानव जीवन सफल हो जाता है और जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि पूर्व जन्मों के पुण्य उदय होने पर ही भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलता है, जिससे अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। महाराज ने आगे कहा कि भागवत कथा से बढ़कर मोक्ष का कोई सरल साधन नहीं है और इसके श्रवण से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। उन्होंने कच्छप अवतार, वामन अवतार, नरसिंह अवतार और भक्त प्रह्लाद की विस्तृत कथाएँ सुनाईं। कथा के दौरान हिरण्यकशिपु के अत्याचारों और भक्त प्रह्लाद की विष्णु भक्ति का विस्तार से वर्णन किया गया। यह बताया गया कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। होलिका दहन प्रसंग के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर सत्य नारायण शुक्ल, स्वामी नाथ द्विवेदी, हरिओम द्विवेदी, सुरेश मिश्रा उर्फ पिंटू, देवमणि पाण्डेय, शुभम शुक्ला, अमन शुक्ला सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।






































