बहराइच की महसी तहसील में एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। बार एसोसिएशन महसी के अधिवक्ता लगातार पांचवें दिन भी एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतरे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम आलोक प्रसाद का व्यवहार उनके प्रति अपमानजनक है और वे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हैं। बार एसोसिएशन महसी ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर एसडीएम आलोक प्रसाद को तत्काल हटाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि आलोक प्रसाद का व्यवहार अधिवक्ताओं और फरियादियों के प्रति अनुकूल नहीं है। उन पर निरंतर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने और जातिवादी सोच रखने का आरोप है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम आलोक प्रसाद ने फरियादियों को ‘चोर’, ‘पापी’ और ‘गुंडा’ जैसे शब्दों से संबोधित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि चंदन का टीका लगाकर आने वाले फरियादियों को भी ‘गुंडा’ और ‘चोर’ कहा जाता है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के मानसिक संतुलन पर भी सवाल उठाए हैं। बार एसोसिएशन ने एसडीएम आलोक प्रसाद को महसी तहसील से तुरंत हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि एसडीएम का यह कृत्य और सोच उनके जैसे उच्च पद पर आसीन अधिकारी के लिए उचित नहीं है। इस पत्र की प्रतिलिपियां विधायक महसी, सांसद बहराइच, जिलाधिकारी बहराइच, अध्यक्ष विधानसभा उत्तर प्रदेश, आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, अध्यक्ष/महामंत्री जिला बार एसोसिएशन बहराइच और अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भी भेजी गई हैं। बार एसोसिएशन महसी ने पूर्व में पारित धरना प्रदर्शन प्रस्ताव के तहत 28 जनवरी से सभी न्यायालयों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना देने का प्रस्ताव पारित किया है। इस बैठक में अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्र, महामंत्री रामकर्ण त्रिपाठी, सुमेर दत्त पाठक, लालजी पांडेय, पूर्व अध्यक्ष राजवंत मिश्रा, हिमांशु मोहन मिश्र, सोनू मिश्रा, रामतेज मिश्रा, पूर्व महामंत्री रुद्र त्रिपाठी सहित सैकड़ों अधिवक्ता शामिल हुए।
एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ अधिवक्ता समाज लामबंद: महसी बार एसोसिएशन 28 जनवरी से करेगा अनिश्चितकालीन धरना – Mahsi News
बहराइच की महसी तहसील में एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। बार एसोसिएशन महसी के अधिवक्ता लगातार पांचवें दिन भी एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतरे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम आलोक प्रसाद का व्यवहार उनके प्रति अपमानजनक है और वे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हैं। बार एसोसिएशन महसी ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर एसडीएम आलोक प्रसाद को तत्काल हटाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि आलोक प्रसाद का व्यवहार अधिवक्ताओं और फरियादियों के प्रति अनुकूल नहीं है। उन पर निरंतर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने और जातिवादी सोच रखने का आरोप है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम आलोक प्रसाद ने फरियादियों को ‘चोर’, ‘पापी’ और ‘गुंडा’ जैसे शब्दों से संबोधित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि चंदन का टीका लगाकर आने वाले फरियादियों को भी ‘गुंडा’ और ‘चोर’ कहा जाता है। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के मानसिक संतुलन पर भी सवाल उठाए हैं। बार एसोसिएशन ने एसडीएम आलोक प्रसाद को महसी तहसील से तुरंत हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि एसडीएम का यह कृत्य और सोच उनके जैसे उच्च पद पर आसीन अधिकारी के लिए उचित नहीं है। इस पत्र की प्रतिलिपियां विधायक महसी, सांसद बहराइच, जिलाधिकारी बहराइच, अध्यक्ष विधानसभा उत्तर प्रदेश, आयुक्त देवीपाटन मंडल गोंडा, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग उत्तर प्रदेश, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, अध्यक्ष/महामंत्री जिला बार एसोसिएशन बहराइच और अध्यक्ष राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश को भी भेजी गई हैं। बार एसोसिएशन महसी ने पूर्व में पारित धरना प्रदर्शन प्रस्ताव के तहत 28 जनवरी से सभी न्यायालयों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना देने का प्रस्ताव पारित किया है। इस बैठक में अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्र, महामंत्री रामकर्ण त्रिपाठी, सुमेर दत्त पाठक, लालजी पांडेय, पूर्व अध्यक्ष राजवंत मिश्रा, हिमांशु मोहन मिश्र, सोनू मिश्रा, रामतेज मिश्रा, पूर्व महामंत्री रुद्र त्रिपाठी सहित सैकड़ों अधिवक्ता शामिल हुए।






































