सिद्धार्थनगर के खुनियाँव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर मंगलवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। मोबियस फाउंडेशन की आकार परियोजना के तहत जननी संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में कुल 11 महिलाओं को सुरक्षित नसबंदी की सुविधा प्रदान की गई। खुनियाँव पीएचसी के अधीक्षक डॉ. पी.एन. यादव ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर ऐसी सुविधा उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। भविष्य में भी क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के सहयोग से इच्छुक महिलाओं और पुरुषों को अधिक से अधिक परिवार नियोजन सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। मोबियस फाउंडेशन के राज्य प्रतिनिधि एवं परियोजना संयोजक प्रभात कुमार ने बताया कि आकार परियोजना उत्तर प्रदेश के आठ जिलों—बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी, उन्नाव, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा और सीतापुर—में संचालित की जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य समुदाय में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ाना है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम द्वारा सभी ब्लॉकों में नियमित रूप से शिविर लगाकर लोगों को परिवार नियोजन की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जननी संस्था के जनपद प्रबंधक देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम मोबाइल क्लीनिक वाहन के जरिए गांव-गांव जाकर लोगों को परिवार नियोजन के लाभों के प्रति जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’, दो बच्चों के बीच तीन वर्ष का अंतर रखने और परिवार पूरा होने पर स्थायी विधि अपनाने जैसे फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। साथ ही, अस्थायी परिवार नियोजन सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई जाती हैं। शिविर में जननी टीम के सर्जन डॉ. पी. कनौजिया, बीसीपीएम महेंद्र, बीपीएम अरविंद, स्टाफ नर्स अमृता और नंदिता, ओटी टेक्नीशियन अंकुर, लैब टेक्नीशियन सचिन तथा परिवार नियोजन सलाहकार प्रियंका सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
खुनियांव पीएचसी पर नसबंदी शिविर:आकार परियोजना के तहत 11 महिलाओं को मिली सुविधा
सिद्धार्थनगर के खुनियाँव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर मंगलवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। मोबियस फाउंडेशन की आकार परियोजना के तहत जननी संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में कुल 11 महिलाओं को सुरक्षित नसबंदी की सुविधा प्रदान की गई। खुनियाँव पीएचसी के अधीक्षक डॉ. पी.एन. यादव ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर ऐसी सुविधा उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। भविष्य में भी क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के सहयोग से इच्छुक महिलाओं और पुरुषों को अधिक से अधिक परिवार नियोजन सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। मोबियस फाउंडेशन के राज्य प्रतिनिधि एवं परियोजना संयोजक प्रभात कुमार ने बताया कि आकार परियोजना उत्तर प्रदेश के आठ जिलों—बहराइच, श्रावस्ती, बाराबंकी, उन्नाव, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा और सीतापुर—में संचालित की जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य समुदाय में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता और स्वीकार्यता बढ़ाना है। उन्होंने यह भी बताया कि टीम द्वारा सभी ब्लॉकों में नियमित रूप से शिविर लगाकर लोगों को परिवार नियोजन की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जननी संस्था के जनपद प्रबंधक देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी टीम मोबाइल क्लीनिक वाहन के जरिए गांव-गांव जाकर लोगों को परिवार नियोजन के लाभों के प्रति जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘छोटा परिवार सुखी परिवार’, दो बच्चों के बीच तीन वर्ष का अंतर रखने और परिवार पूरा होने पर स्थायी विधि अपनाने जैसे फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। साथ ही, अस्थायी परिवार नियोजन सेवाएं भी मौके पर उपलब्ध कराई जाती हैं। शिविर में जननी टीम के सर्जन डॉ. पी. कनौजिया, बीसीपीएम महेंद्र, बीपीएम अरविंद, स्टाफ नर्स अमृता और नंदिता, ओटी टेक्नीशियन अंकुर, लैब टेक्नीशियन सचिन तथा परिवार नियोजन सलाहकार प्रियंका सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।





































