इकौना में खाटू श्याम की निशान पदयात्रा निकली:फाल्गुन शुक्ल एकादशी पर श्रद्धालुओं ने शिव मंदिर तक यात्रा की

6
Advertisement

इकौना में फाल्गुन शुक्ल एकादशी के अवसर पर खाटू श्याम जी की निशान पदयात्रा निकाली गई। शुक्रवार को श्री साईं मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाते हुए निशान लेकर पदयात्रा प्रारंभ की, जो शिव मंदिर के लिए रवाना हुई। फाल्गुन शुक्ल एकादशी के दिन राजस्थान स्थित खाटू श्याम मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। खाटू श्याम जी को महाभारत कालीन वीर बर्बरीक के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बर्बरीक घटोत्कच के पुत्र और भीम के पौत्र थे। वे एक अद्भुत तीरंदाज थे जिनके पास तीन बाणों की दिव्य शक्ति थी। कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें कमजोर पक्ष का साथ देने का वचन निभाने के कारण कलियुग में ‘श्याम’ नाम से पूजे जाने का आशीर्वाद दिया था। इसी वजह से वे ‘हारे का सहारा’ के नाम से प्रसिद्ध हैं। श्री श्याम युवा सेवक मंडल परिवार, इकौना के संरक्षक शैलेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि खाटू श्याम मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और देशभर में इसकी विशेष मान्यता है। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए गुलाल उड़ाया। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। प्रभारी निरीक्षक परमानंद तिवारी के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल और गोपनीय विभाग के अधिकारी तैनात थे। यात्रा में दिलीप कुमार सोनी, जितेंद्र कुमार गुप्ता, विवेक कुमार गुप्ता उर्फ चंदन, सचिन कसौधन, रतन कसौधन, अनुराग गुप्ता, राजीव नंदन, लिटिल गुप्ता, अमरेश गुप्ता, सत्यम गुप्ता सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
Advertisement