मिशन शक्ति अभियान फेज–5.0 के तहत महिला मिशन केंद्र की टीम ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बांसी रोहिणी यादव के निर्देशन में संपन्न हुआ। थाना खेसरहा के थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में यह कार्यक्रम थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ेला बुजुर्ग में आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़े नए कानूनों, महिला संबंधित अपराधों, साइबर अपराध से बचाव के तरीकों और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। मिशन शक्ति केंद्र की टीम ने कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। महिलाओं को निर्भीक होकर अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें कानून तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया।
महिला सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम:लेडी कांस्टेबल ने सेल्फ डिफेंस के दिए टिप्स, सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया
मिशन शक्ति अभियान फेज–5.0 के तहत महिला मिशन केंद्र की टीम ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बांसी रोहिणी यादव के निर्देशन में संपन्न हुआ। थाना खेसरहा के थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में यह कार्यक्रम थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ेला बुजुर्ग में आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं और बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़े नए कानूनों, महिला संबंधित अपराधों, साइबर अपराध से बचाव के तरीकों और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। मिशन शक्ति केंद्र की टीम ने कार्यक्रम के दौरान महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी। महिलाओं को निर्भीक होकर अपनी समस्याओं को साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन जागरूकता कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें कानून तथा सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया।










































