बहराइच में बंदर ने बुजुर्ग पर अचानक हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग का आधा कान कट गया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को अपने घर की छत पर बैठकर धूप सेंक रहे थे। इसी दौरान अचानक एक बंदर वहां पहुंचा और उन पर झपट पड़ा। बंदर ने सादिक का पूरा कान नोच लिया। जिससे उनके कान से बहुत तेज खून बहने लगा। जिसके बाद उन्हें तत्काल सीएचसी ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अपना कटा हुआ कान लेकर वह अस्पताल पहुंचे लेकिन देर हो जाने के कारण कान को दोबारा जोड़ा नहीं जा सका। पहले देखें 3 तस्वीरें… अब विस्तार से जानें पूरा मामला घटना रिसिया इलाके के इमामगंज गांव की है। 75 वर्षीय बुजुर्ग सादिक अली छत पर धूप सेक रहे थे। तभी बंदरों के एक झुंड ने उनपर हमला बोल दिया। जब उन्होंने वहां से उन्हें भगाने की कोशिश की तो एक बंदर ने उनका कान नोच लिया। कान कटकर अलग हो गया। घायल बुजुर्ग के बेटे निसार अली ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में बंदरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों को छतों और गलियों में निकलने से डर लगने लगा है। घटना के बाद गांव में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ा जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोगों को राहत मिल सके। घायल सादिक के बेटे निसार अली ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में बंदरों के हमले बढ़ते जा रहे हैं। लोग छत पर जाने और बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। फखरपुर में पागल बंदर का कहर दूसरी ओर फखरपुर इलाके के बसंता गजाधरपुर गांव में एक माह पहले एक पागल बंदर ने दहशत फैला दी थी। पिछले कुछ दिनों में बंदर ने छह लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। घायलों में जय मंगल गौड़, जगत नारायण और ओम प्रकाश पाठक शामिल हैं। सभी का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया है। फेरी लगाने वाले युवक पर भी हमला शनिवार को बंदर ने फेरी लगाकर सामान बेचने वाले एक युवक पर भी हमला कर दिया। इस घटना के बाद गांव में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं। लोग बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और आबादी से दूर छोड़ा जाए, ताकि लोग बिना डर के रह सकें। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… जिस चोटी को पकड़कर प्रयागराज पुलिस ने पीटा…उसका महत्व क्या, शास्त्रों में गाय के खुर के बराबर रखने की परंपरा मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिष्यों का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ शंकराचार्य का राजदंड छीना, बल्कि कुछ बटुकों को शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा। उन्हें कमरे में बंद किया और मारपीट की। पढ़िए पूरी खबर…
छत पर धूप सेंक रहे बुजुर्ग पर बंदर का हमला: बहराइच में कटा कान लेकर पहुंचे जिला अस्पताल, ग्रामीणों ने की पकड़ने की मांग – Bahraich News
बहराइच में बंदर ने बुजुर्ग पर अचानक हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग का आधा कान कट गया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार को अपने घर की छत पर बैठकर धूप सेंक रहे थे। इसी दौरान अचानक एक बंदर वहां पहुंचा और उन पर झपट पड़ा। बंदर ने सादिक का पूरा कान नोच लिया। जिससे उनके कान से बहुत तेज खून बहने लगा। जिसके बाद उन्हें तत्काल सीएचसी ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अपना कटा हुआ कान लेकर वह अस्पताल पहुंचे लेकिन देर हो जाने के कारण कान को दोबारा जोड़ा नहीं जा सका। पहले देखें 3 तस्वीरें… अब विस्तार से जानें पूरा मामला घटना रिसिया इलाके के इमामगंज गांव की है। 75 वर्षीय बुजुर्ग सादिक अली छत पर धूप सेक रहे थे। तभी बंदरों के एक झुंड ने उनपर हमला बोल दिया। जब उन्होंने वहां से उन्हें भगाने की कोशिश की तो एक बंदर ने उनका कान नोच लिया। कान कटकर अलग हो गया। घायल बुजुर्ग के बेटे निसार अली ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में बंदरों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों को छतों और गलियों में निकलने से डर लगने लगा है। घटना के बाद गांव में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ा जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और लोगों को राहत मिल सके। घायल सादिक के बेटे निसार अली ने बताया कि गांव और आसपास के इलाकों में बंदरों के हमले बढ़ते जा रहे हैं। लोग छत पर जाने और बाहर निकलने से भी डरने लगे हैं। फखरपुर में पागल बंदर का कहर दूसरी ओर फखरपुर इलाके के बसंता गजाधरपुर गांव में एक माह पहले एक पागल बंदर ने दहशत फैला दी थी। पिछले कुछ दिनों में बंदर ने छह लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। घायलों में जय मंगल गौड़, जगत नारायण और ओम प्रकाश पाठक शामिल हैं। सभी का स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया है। फेरी लगाने वाले युवक पर भी हमला शनिवार को बंदर ने फेरी लगाकर सामान बेचने वाले एक युवक पर भी हमला कर दिया। इस घटना के बाद गांव में डर और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं। लोग बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी डर रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और आबादी से दूर छोड़ा जाए, ताकि लोग बिना डर के रह सकें। ——————————- ये खबर भी पढ़ें… जिस चोटी को पकड़कर प्रयागराज पुलिस ने पीटा…उसका महत्व क्या, शास्त्रों में गाय के खुर के बराबर रखने की परंपरा मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिष्यों का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ शंकराचार्य का राजदंड छीना, बल्कि कुछ बटुकों को शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा। उन्हें कमरे में बंद किया और मारपीट की। पढ़िए पूरी खबर…





































