बहराइच में क्षय रोग उन्मूलन को नई गति देने के लिए फरवरी से 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की समय पर पहचान, उपचार और मृत्यु दर में कमी लाना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2015 की तुलना में प्रदेश में टीबी की घटनाओं और मृत्यु दर में लगभग 17-17 प्रतिशत की कमी आई है। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नगर विकास सहित अन्य विभागों और समाज के सहयोग से और मजबूत किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने बताया कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक जिले में करीब 6.72 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 97.6 हजार एक्स-रे, 56.6 हजार से अधिक सैंपल ट्रूनैट से और 1.32 लाख जांचें माइक्रोस्कोप से की गईं। इसके परिणामस्वरूप, 9,966 के लक्ष्य के सापेक्ष 10.3 हजार से अधिक टीबी मामलों का नोटिफिकेशन हुआ, जिससे समय पर इलाज और संक्रमण रोकने में मदद मिली। डॉ. वर्मा ने बताया कि इन्हीं अनुभवों के आधार पर इस 100 दिवसीय अभियान को और सघन बनाया जा रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सीएचसी-पीएचसी व जिला अस्पतालों पर तेज स्क्रीनिंग होगी। कुपोषित, बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, धूम्रपान करने वाले, मलिन बस्तियों और निर्माण श्रमिकों की विशेष जांच की जाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जाएगी। टीबी जांच के लिए सैंपल ट्रांसपोर्ट, एक्स-रे, नेट मशीन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। गंभीर रोगियों को भर्ती कर इलाज तथा 108 एम्बुलेंस से रेफरल की सुविधा दी जाएगी। सभी मामलों की रिपोर्टिंग निक्षय पोर्टल पर की जाएगी। डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने बताया कि अभियान में सांसदों, विधायकों, प्रधानों और पार्षदों को जोड़कर जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी। ग्राम सभाओं को स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
बहराइच में चलेगा 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान: क्षय रोग उन्मूलन को मिलेगी गति, मृत्यु दर में लगभग 17-17 प्रतिशत की कमी आई – Bahraich News
बहराइच में क्षय रोग उन्मूलन को नई गति देने के लिए फरवरी से 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की समय पर पहचान, उपचार और मृत्यु दर में कमी लाना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2015 की तुलना में प्रदेश में टीबी की घटनाओं और मृत्यु दर में लगभग 17-17 प्रतिशत की कमी आई है। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान को पंचायत, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नगर विकास सहित अन्य विभागों और समाज के सहयोग से और मजबूत किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएल वर्मा ने बताया कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक जिले में करीब 6.72 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान 97.6 हजार एक्स-रे, 56.6 हजार से अधिक सैंपल ट्रूनैट से और 1.32 लाख जांचें माइक्रोस्कोप से की गईं। इसके परिणामस्वरूप, 9,966 के लक्ष्य के सापेक्ष 10.3 हजार से अधिक टीबी मामलों का नोटिफिकेशन हुआ, जिससे समय पर इलाज और संक्रमण रोकने में मदद मिली। डॉ. वर्मा ने बताया कि इन्हीं अनुभवों के आधार पर इस 100 दिवसीय अभियान को और सघन बनाया जा रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, सीएचसी-पीएचसी व जिला अस्पतालों पर तेज स्क्रीनिंग होगी। कुपोषित, बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, धूम्रपान करने वाले, मलिन बस्तियों और निर्माण श्रमिकों की विशेष जांच की जाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बनाई जाएगी। टीबी जांच के लिए सैंपल ट्रांसपोर्ट, एक्स-रे, नेट मशीन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। गंभीर रोगियों को भर्ती कर इलाज तथा 108 एम्बुलेंस से रेफरल की सुविधा दी जाएगी। सभी मामलों की रिपोर्टिंग निक्षय पोर्टल पर की जाएगी। डीएचईआईओ बृजेश सिंह ने बताया कि अभियान में सांसदों, विधायकों, प्रधानों और पार्षदों को जोड़कर जनभागीदारी बढ़ाई जाएगी। ग्राम सभाओं को स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।






































