उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर बुधवार को बस्ती पहुंचे। उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा की। इस दौरान मंत्री ने महाराजा सुहेलदेव की जयंती को उत्साह और भव्यता के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह संत रविदास जी की जयंती धूमधाम से मनाई जाती है, उसी प्रकार समाज को संगठित होकर महाराजा सुहेलदेव जयंती भी मनानी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके शौर्य और बलिदान से प्रेरणा ले सके। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री अनिल राजभर ने यूजीसी (UGC) ड्राफ्ट को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस ड्राफ्ट पर आपत्ति है, उन्हें पहले इसे गंभीरता से पढ़ना चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिना पूरी जानकारी के विरोध करना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी को भी सरकार के फैसलों पर अविश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि देश आज सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। राजभर ने बताया कि यूजीसी से जुड़ा फैसला संसद की संयुक्त समिति (ज्वाइंट कमेटी) द्वारा लिया गया है, जिसमें सभी दलों के सांसद शामिल होते हैं। उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कांग्रेस या समाजवादी पार्टी को कोई आपत्ति थी, तो उन्होंने संयुक्त समिति के स्तर पर ही अपना विरोध क्यों नहीं दर्ज कराया। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाया जा रहा है। ईडब्ल्यूएस के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण को लेकर संजय निषाद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों पर भरोसा करती है। इस्तीफों के सवाल पर उन्होंने संभावना जताई कि इस्तीफा देने वालों ने भी यूजीसी ड्राफ्ट को ठीक से नहीं पढ़ा होगा। मंत्री ने दोहराया कि मोदी सरकार किसी एक वर्ग के लाभ या नुकसान को देखकर नहीं, बल्कि देशहित में फैसले लेती है।











































