डुमरियागंज: डुमरियागंज के बढनीचाफ से भडरिया बाजार तक नहर की पटरी पर चल रहा पैचिंग कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है और गिट्टी व मिट्टी फैली होने के कारण फिसलन बनी रहती है। अधूरे काम के चलते नहर पटरी पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों को इससे सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पैचिंग कार्य शुरू तो किया गया था, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने से जोखिम और बढ़ जाता है, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कार्य पूर्ण नहीं कराया गया। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को इस मार्ग से गुजरते समय काफी परेशानी होती है। हैरानी की बात यह है कि जनप्रतिनिधि भी मुख्य मार्ग खराब होने के कारण इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। स्थानीय नागरिक तोताराम वर्मा, राघवेंद्र प्रताप, रामफेर, विवेक श्रीवास्तव, रक्षाराम, शैलेंद्र गुप्ता, राम प्रताप और सुभाष चंद्र ने प्रशासन से मांग की है कि नहर पटरी के पैचिंग कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने सड़क को समतल और सुरक्षित बनाने की अपील की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और संभावित हादसों पर रोक लगाई जा सके।
डुमरियागंज में नहर पटरी का पैचिंग अधूरा:राहगीरों को आवागमन में हो रही भारी परेशानी, जल्द पूरा करने की मांग
डुमरियागंज: डुमरियागंज के बढनीचाफ से भडरिया बाजार तक नहर की पटरी पर चल रहा पैचिंग कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। इसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। सड़क जगह-जगह से उखड़ी हुई है और गिट्टी व मिट्टी फैली होने के कारण फिसलन बनी रहती है। अधूरे काम के चलते नहर पटरी पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों को इससे सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पैचिंग कार्य शुरू तो किया गया था, लेकिन उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने से जोखिम और बढ़ जाता है, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कार्य पूर्ण नहीं कराया गया। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को इस मार्ग से गुजरते समय काफी परेशानी होती है। हैरानी की बात यह है कि जनप्रतिनिधि भी मुख्य मार्ग खराब होने के कारण इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। स्थानीय नागरिक तोताराम वर्मा, राघवेंद्र प्रताप, रामफेर, विवेक श्रीवास्तव, रक्षाराम, शैलेंद्र गुप्ता, राम प्रताप और सुभाष चंद्र ने प्रशासन से मांग की है कि नहर पटरी के पैचिंग कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने सड़क को समतल और सुरक्षित बनाने की अपील की है, ताकि राहगीरों को राहत मिल सके और संभावित हादसों पर रोक लगाई जा सके।





































