बहराइच जिले के पयागपुर क्षेत्र में स्थित ताल बघेल वेटलैंड को अब इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के सबसे बड़े वेटलैंड्स में से एक इस स्थल के कायाकल्प पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे पयागपुर एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी और कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह ने इसके विकास के लिए काफी प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पयागपुर को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। पिछले तीन दशकों से ताल बघेल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी। विधायक सुभाष त्रिपाठी ने इस संबंध में कई बार मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इसे सजाने-संवारने का अनुरोध किया था। इको-टूरिज्म हब बनने से यह श्रावस्ती आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा, क्योंकि लखनऊ से श्रावस्ती जाने वाली कई बसें पयागपुर के रास्ते ही गुजरती हैं। इस परियोजना के तहत तालाब का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें आकर्षक वॉकिंग ट्रैक, आधुनिक बैठने की व्यवस्था, हरियाली, सोलर लाइटिंग, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक ढांचा विकसित किया जाएगा। यह इको-फ्रेंडली मॉडल पर आधारित परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। पर्यटन विभाग ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद है कि ताल बघेल का यह नया स्वरूप पयागपुर को एक नई पहचान देगा।
बहराइच का ताल बघेल इको-टूरिज्म हब बनेगा: करोड़ों की लागत से होगा विकास, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा – Payagpur News
बहराइच जिले के पयागपुर क्षेत्र में स्थित ताल बघेल वेटलैंड को अब इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश के सबसे बड़े वेटलैंड्स में से एक इस स्थल के कायाकल्प पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे पयागपुर एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी और कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह ने इसके विकास के लिए काफी प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पयागपुर को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। पिछले तीन दशकों से ताल बघेल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की जा रही थी। विधायक सुभाष त्रिपाठी ने इस संबंध में कई बार मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इसे सजाने-संवारने का अनुरोध किया था। इको-टूरिज्म हब बनने से यह श्रावस्ती आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा, क्योंकि लखनऊ से श्रावस्ती जाने वाली कई बसें पयागपुर के रास्ते ही गुजरती हैं। इस परियोजना के तहत तालाब का व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसमें आकर्षक वॉकिंग ट्रैक, आधुनिक बैठने की व्यवस्था, हरियाली, सोलर लाइटिंग, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक ढांचा विकसित किया जाएगा। यह इको-फ्रेंडली मॉडल पर आधारित परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। पर्यटन विभाग ने इस परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद है कि ताल बघेल का यह नया स्वरूप पयागपुर को एक नई पहचान देगा।





































