श्रावस्ती जिले के मल्हीपुर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 15 दिन से लापता महिला का शव नाले में मिलने के बाद पुलिस ने पति सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। दरअसल मृतका की पहचान लक्ष्मणपुर कोठी निवासी आसाराम की पुत्री रीना देवी के रूप में हुई थी। रीना की शादी लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व मोंगला गांव निवासी गोविंद प्रसाद से हुई थी। शादी के बाद से उसे कोई संतान नहीं थी। गोविंद प्रसाद दिल्ली में मजदूरी करता है, जबकि रीना के सास-ससुर ससुराल में रहते थे। घटना से कुछ दिन पहले ही उसका पति दिल्ली से घर पर आ गया था। परिजनों के अनुसार, रीना देवी 12 जनवरी को अचानक लापता हो गई थीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो ससुराल पक्ष ने मल्हीपुर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस रीना की तलाश कर रही थी, तभी 26 जनवरी की शाम उनका शव ससुराल से करीब तीन किलोमीटर दूर बर्रोह पुल के पास भकला घाट स्थित एक नाले में उतराता हुआ मिला था। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की मां द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि रीना को ससुराल में बुलेट मोटरसाइकिल, सोने की अंगूठी और एक लाख रुपये नकद की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर शव नाले में फेंक दिए जाने की आशंका जताई गई है।
पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर पति गोविंद प्रसाद, ससुर रामफेरन, सास तुलसी और दो ननदों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
































