तुलसीपुर के प्रमुख बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाद्य सुरक्षा टीम के आने की सूचना फैल गई। इस खबर के मिलते ही कई व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे पूरे बाजार में हड़कंप का माहौल बन गया। कुछ ही देर में बाजार की रौनक फीकी पड़ गई और सड़कें सुनसान हो गईं। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा टीम किसी आर्थिक या दंडात्मक कार्रवाई के उद्देश्य से नहीं, बल्कि व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए तुलसीपुर पहुंची थी। टीम ने नगर के व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार कसौधन के प्रतिष्ठान का दौरा किया। यहां व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, लाइसेंस, एक्सपायरी तिथि, पैकेजिंग और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसी दौरान बाजार में यह अफवाह फैल गई कि खाद्य सुरक्षा और जीएसटी टीम संयुक्त रूप से छापेमारी कर रही है। इस अफवाह के कारण कई छोटे-बड़े व्यवसायी भयभीत हो गए और उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर दीं। देखते ही देखते पूरे बाजार में हलचल बढ़ गई और व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुलसीपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार कसौधन ने व्यापारियों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी दुकानें खोलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा टीम केवल जागरूकता अभियान चला रही है, जिसका उद्देश्य व्यापारियों को नियमों की जानकारी देना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। रामकुमार कसौधन ने कहा, “खाद्य सुरक्षा टीम व्यापारियों के हित में कार्य कर रही है। इससे डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि नियमों का पालन कर व्यवसाय को और मजबूत किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि व्यापारी सभी आवश्यक मानकों का पालन करें, तो भविष्य में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सकता है। खाद्य सुरक्षा टीम के अधिकारियों ने भी व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनका मकसद दंड देना नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना है।
तुलसीपुर में खाद्य सुरक्षा टीम की सूचना से हड़कंप:बाजार में व्यापारियों ने बंद कीं दुकानें, चिंता का माहौल
तुलसीपुर के प्रमुख बाजार में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाद्य सुरक्षा टीम के आने की सूचना फैल गई। इस खबर के मिलते ही कई व्यापारियों ने एहतियातन अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे पूरे बाजार में हड़कंप का माहौल बन गया। कुछ ही देर में बाजार की रौनक फीकी पड़ गई और सड़कें सुनसान हो गईं। हालांकि, बाद में यह स्पष्ट हुआ कि खाद्य सुरक्षा टीम किसी आर्थिक या दंडात्मक कार्रवाई के उद्देश्य से नहीं, बल्कि व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए तुलसीपुर पहुंची थी। टीम ने नगर के व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार कसौधन के प्रतिष्ठान का दौरा किया। यहां व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, लाइसेंस, एक्सपायरी तिथि, पैकेजिंग और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसी दौरान बाजार में यह अफवाह फैल गई कि खाद्य सुरक्षा और जीएसटी टीम संयुक्त रूप से छापेमारी कर रही है। इस अफवाह के कारण कई छोटे-बड़े व्यवसायी भयभीत हो गए और उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर दीं। देखते ही देखते पूरे बाजार में हलचल बढ़ गई और व्यापारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुलसीपुर व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार कसौधन ने व्यापारियों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी दुकानें खोलें। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा टीम केवल जागरूकता अभियान चला रही है, जिसका उद्देश्य व्यापारियों को नियमों की जानकारी देना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। रामकुमार कसौधन ने कहा, “खाद्य सुरक्षा टीम व्यापारियों के हित में कार्य कर रही है। इससे डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि नियमों का पालन कर व्यवसाय को और मजबूत किया जा सकता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि व्यापारी सभी आवश्यक मानकों का पालन करें, तो भविष्य में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सकता है। खाद्य सुरक्षा टीम के अधिकारियों ने भी व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि उनका मकसद दंड देना नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना है।





































