बलरामपुर में किशोरियों के जीवन कौशल और नेतृत्व विकास कार्यक्रम का गुरुवार को जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम महिला-बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और मिलान संस्था के सहयोग से एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) के अंतर्गत शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य भारत सरकार के आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित जिलों में 11 से 18 वर्ष की आयु की किशोरियों की नियमित सहभागिता को मजबूत करना है। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य किशोरियों में शिक्षा की निरंतरता, स्वास्थ्य-पोषण जागरूकता, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किशोरियों में किया गया निवेश समाज के दीर्घकालिक और सतत विकास की एक मजबूत नींव है। गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि जिले की 210 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन और उनकी प्रभावी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर किशोरी समूहों के सहयोग से प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। सीडीओ ने किशोरियों के समग्र विकास के लिए सभी सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करके अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की बात कही। कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) श्री इफ्तखार अहमद ने ग्राम स्तर पर किशोरी समूहों के माध्यम से किए जाने वाले कार्य को एक अच्छी पहल बताया। मिलान संस्था की प्रोग्राम डायरेक्टर सुश्री पॉलिन गोम्स ने संस्था का परिचय दिया और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मिलान के एसोसिएट डायरेक्टर जावेद अब्बास ने कार्यक्रम के डिजाइन, क्षमता निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, आईसीडीएस के अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य-शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, डेवलपमेंट पार्टनर्स और मिलान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बलरामपुर में किशोरी जीवन कौशल कार्यक्रम शुरू:महिला-बाल विकास विभाग ने विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया
बलरामपुर में किशोरियों के जीवन कौशल और नेतृत्व विकास कार्यक्रम का गुरुवार को जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम महिला-बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और मिलान संस्था के सहयोग से एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) के अंतर्गत शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य भारत सरकार के आकांक्षात्मक जिला कार्यक्रम के तहत चिन्हित जिलों में 11 से 18 वर्ष की आयु की किशोरियों की नियमित सहभागिता को मजबूत करना है। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य किशोरियों में शिक्षा की निरंतरता, स्वास्थ्य-पोषण जागरूकता, जीवन कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किशोरियों में किया गया निवेश समाज के दीर्घकालिक और सतत विकास की एक मजबूत नींव है। गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि जिले की 210 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन और उनकी प्रभावी कार्यक्षमता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर किशोरी समूहों के सहयोग से प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। सीडीओ ने किशोरियों के समग्र विकास के लिए सभी सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित करके अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की बात कही। कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) श्री इफ्तखार अहमद ने ग्राम स्तर पर किशोरी समूहों के माध्यम से किए जाने वाले कार्य को एक अच्छी पहल बताया। मिलान संस्था की प्रोग्राम डायरेक्टर सुश्री पॉलिन गोम्स ने संस्था का परिचय दिया और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मिलान के एसोसिएट डायरेक्टर जावेद अब्बास ने कार्यक्रम के डिजाइन, क्षमता निर्माण और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, आईसीडीएस के अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य-शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, डेवलपमेंट पार्टनर्स और मिलान संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।











































