सिद्धार्थनगर में अपहरण और फिरौती की सनसनीखेज सूचना से हड़कंप मच गया, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि जिस युवक के अपहरण की बात कही जा रही थी, उसने ही पैसों के लालच में खुद अपने अपहरण की साजिश रची थी। युवक ने अपने ही परिजनों से छह लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए यह नाटक किया था। मामला त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र का है। 28 जनवरी को पुलिस को एक युवक के अपहरण की सूचना मिली थी। परिजनों के पास अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें छह लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और रकम न देने पर युवक की हत्या की धमकी दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर त्रिलोकपुर थाना पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिससे पुलिस को मामले की कड़ी जोड़ने में मदद मिली। तेज कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि 24 घंटे के भीतर ही कथित अपहृत युवक अमन मिश्रा को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में अमन मिश्रा ने स्वीकार किया कि उसने पैसों की तंगी और लालच में आकर अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसका मकसद अपने ही परिवार से फिरौती की रकम हासिल करना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इस फर्जी अपहरण का खुलासा न होता, तो परिजनों को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी असर पड़ सकता था। पुलिस टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच से पूरे मामले का सच सामने आ गया। अब युवक के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
6 लाख की फिरौती के लिए रचा फर्जी-अपहरण का ड्रामा:सिद्धार्थनगर पुलिस ने खोला 24 घंटे में फर्जीवाड़ा
सिद्धार्थनगर में अपहरण और फिरौती की सनसनीखेज सूचना से हड़कंप मच गया, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। जांच में सामने आया कि जिस युवक के अपहरण की बात कही जा रही थी, उसने ही पैसों के लालच में खुद अपने अपहरण की साजिश रची थी। युवक ने अपने ही परिजनों से छह लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए यह नाटक किया था। मामला त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र का है। 28 जनवरी को पुलिस को एक युवक के अपहरण की सूचना मिली थी। परिजनों के पास अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें छह लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और रकम न देने पर युवक की हत्या की धमकी दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर त्रिलोकपुर थाना पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिससे पुलिस को मामले की कड़ी जोड़ने में मदद मिली। तेज कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि 24 घंटे के भीतर ही कथित अपहृत युवक अमन मिश्रा को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में अमन मिश्रा ने स्वीकार किया कि उसने पैसों की तंगी और लालच में आकर अपने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसका मकसद अपने ही परिवार से फिरौती की रकम हासिल करना था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते इस फर्जी अपहरण का खुलासा न होता, तो परिजनों को भारी मानसिक तनाव झेलना पड़ता और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी असर पड़ सकता था। पुलिस टीम की सतर्कता और तकनीकी जांच से पूरे मामले का सच सामने आ गया। अब युवक के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।










































