बलरामपुर में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जनपद में संचालित बाल संरक्षण योजनाओं, व्यवस्थाओं और जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने चाइल्ड प्रोटेक्शन सिस्टम, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम, स्पॉन्सरशिप योजना, बाल देखभाल संस्थानों की स्थिति, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की प्रगति पर बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम जैन ने जोर देकर कहा कि “बच्चों का सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और चिन्हित मामलों में समयबद्ध व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र बच्चों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी, जागरूकता कार्यक्रमों के व्यापक संचालन और फील्ड-लेवल पर सक्रिय पर्यवेक्षण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दिखने चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, प्रबन्धक जिला अग्रणी बैंक, सहायक श्रमायुक्त बलरामपुर, अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति, सहायक मुख्य विधिक सहायता एवं प्रतिरक्षा अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के परामर्शदाता, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रभारी विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई के प्रबंधक/को-ऑर्डिनेटर, वन स्टॉप सेंटर केस वर्कर सहित अर्पित श्रीवास्तव (रोज़ा संस्था) एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
बलरामपुर में बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं:डीएम ने बाल संरक्षण तंत्र की समीक्षा की, अधिकारियों को दिए निर्देश
बलरामपुर में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जनपद में संचालित बाल संरक्षण योजनाओं, व्यवस्थाओं और जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने चाइल्ड प्रोटेक्शन सिस्टम, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम, स्पॉन्सरशिप योजना, बाल देखभाल संस्थानों की स्थिति, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की प्रगति पर बिंदुवार चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम जैन ने जोर देकर कहा कि “बच्चों का सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और चिन्हित मामलों में समयबद्ध व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र बच्चों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी, जागरूकता कार्यक्रमों के व्यापक संचालन और फील्ड-लेवल पर सक्रिय पर्यवेक्षण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस परिणाम दिखने चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, प्रबन्धक जिला अग्रणी बैंक, सहायक श्रमायुक्त बलरामपुर, अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति, सहायक मुख्य विधिक सहायता एवं प्रतिरक्षा अधिकारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के परामर्शदाता, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रभारी विशेष किशोर पुलिस इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन एवं राजकीय दत्तक ग्रहण इकाई के प्रबंधक/को-ऑर्डिनेटर, वन स्टॉप सेंटर केस वर्कर सहित अर्पित श्रीवास्तव (रोज़ा संस्था) एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।





































