बहराइच में यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई गाइडलाइंस के विरोध में राष्ट्र धारक दल ने नानपारा तहसील मुख्यालय पर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार शैलेश अवस्थी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि इन गाइडलाइंस के कारण देशभर के विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में गहरी असुरक्षा, भय और असंतोष का वातावरण उत्पन्न हो गया है। यह विषय केवल प्रशासनिक निर्णय तक सीमित न होकर संवैधानिक अधिकारों, प्राकृतिक न्याय, अकादमिक स्वतंत्रता और राष्ट्र के बौद्धिक भविष्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्र धारक दल ने अपनी मांगों में यूजीसी की उक्त नई गाइडलाइंस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की अपील की है। साथ ही, इन गाइडलाइंस को स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति या संसदीय समिति के समक्ष पुनरीक्षण हेतु भेजने की मांग की गई है। अन्य मांगों में शिकायत निवारण प्रक्रिया को प्रमाण, सुनवाई की निष्पक्षता एवं जवाबदेही से युक्त करना, झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्पष्ट और प्रभावी दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित करना, तथा देश के विश्वविद्यालयों की अकादमिक स्वतंत्रता, गरिमा और अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करना शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस विषय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो यह व्यवस्था शिक्षा सुधार के बजाय शिक्षा व्यवस्था में अविश्वास और भय का कारण बनेगी, जिसका राष्ट्र पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर राष्ट्र धारक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष करण सिंह, जिलाध्यक्ष राजकमल मिश्र, नानपारा विधानसभा युवा मोर्चा अध्यक्ष अनिकेत मिश्रा उर्फ अंश भैया, कार्यकर्ता उत्कर्ष श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, रुद्र श्याम जी गुप्ता, सौरभ मिश्रा, जयंत सिंह भदौरिया, महेंद्र प्रताप सिंह, बद्री प्रताप सिंह, सुजीत प्रताप सिंह और अंशु मिश्रा सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
यूजीसी की नई गाइडलाइंस का विरोध: नानपारा में सवर्ण समाज ने PM को भेजा ज्ञापन – Nanpara Dehati(Nanpara) News
बहराइच में यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में जारी की गई नई गाइडलाइंस के विरोध में राष्ट्र धारक दल ने नानपारा तहसील मुख्यालय पर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार शैलेश अवस्थी को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि इन गाइडलाइंस के कारण देशभर के विश्वविद्यालयों, शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में गहरी असुरक्षा, भय और असंतोष का वातावरण उत्पन्न हो गया है। यह विषय केवल प्रशासनिक निर्णय तक सीमित न होकर संवैधानिक अधिकारों, प्राकृतिक न्याय, अकादमिक स्वतंत्रता और राष्ट्र के बौद्धिक भविष्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्र धारक दल ने अपनी मांगों में यूजीसी की उक्त नई गाइडलाइंस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की अपील की है। साथ ही, इन गाइडलाइंस को स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति या संसदीय समिति के समक्ष पुनरीक्षण हेतु भेजने की मांग की गई है। अन्य मांगों में शिकायत निवारण प्रक्रिया को प्रमाण, सुनवाई की निष्पक्षता एवं जवाबदेही से युक्त करना, झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर स्पष्ट और प्रभावी दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित करना, तथा देश के विश्वविद्यालयों की अकादमिक स्वतंत्रता, गरिमा और अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करना शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस विषय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो यह व्यवस्था शिक्षा सुधार के बजाय शिक्षा व्यवस्था में अविश्वास और भय का कारण बनेगी, जिसका राष्ट्र पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर राष्ट्र धारक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष करण सिंह, जिलाध्यक्ष राजकमल मिश्र, नानपारा विधानसभा युवा मोर्चा अध्यक्ष अनिकेत मिश्रा उर्फ अंश भैया, कार्यकर्ता उत्कर्ष श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, रुद्र श्याम जी गुप्ता, सौरभ मिश्रा, जयंत सिंह भदौरिया, महेंद्र प्रताप सिंह, बद्री प्रताप सिंह, सुजीत प्रताप सिंह और अंशु मिश्रा सहित कई सदस्य मौजूद रहे।






































