कुष्ठरोग उन्मूलन के लिए ली गई शपथ: पयागपुर CHC में जागरूकता अभियान शुरू, 13 फरवरी तक चलेगा – Payagpur News

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पयागपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार से ‘स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान’ का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को प्रतिवर्ष कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसके तहत यह अभियान सीएमओ डॉ. संजय कुमार शर्मा के निर्देशन में 13 फरवरी तक संचालित किया जाएगा। इस वर्ष अभियान की थीम “भेदभाव समाप्त कर, गरिमा सुनिश्चित करें” रखी गई है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शरद भारती ने बताया कि कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने और लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से वर्ष 2017 से ‘स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान’ चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्य कुष्ठ रोगियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना है। बीपीएम पयागपुर अनुपम शुक्ल ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम 13 फरवरी तक क्षेत्र के सभी 87 राजस्व ग्रामों में स्वास्थ्य कर्मियों और ग्राम पंचायतों के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। कुष्ठ रोग के उपचार के लिए ‘ट्रेस, टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट’ की रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे रोगी की शीघ्र पहचान, जांच और इलाज सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट (MDT) के माध्यम से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। लक्षण दिखने पर आशा, एएनएम, सीएचओ से संपर्क करने या निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच व उपचार कराने की सलाह दी गई है। कुष्ठ एक संक्रामक रोग है, जो माइकोबैक्टीरियम लेप्रे नामक जीवाणु के कारण होता है। यह मुख्य रूप से त्वचा, नसों और मांसपेशियों को प्रभावित करता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर विकृति और स्थायी दिव्यांगता का कारण बन सकता है। कुष्ठ रोगियों में पैरों के तलवों में छाले, मांसपेशियों की कमजोरी और वजन में कमी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। एनएमए अनिरुद्ध पाण्डेय ने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों के बारे में विस्तार से बताया। इनमें त्वचा पर रंगहीन, हल्के या गहरे रंग के धब्बे, इन दाग-धब्बों में संवेदनहीनता, हाथ या पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन, हाथ, पैर या पलकों में कमजोरी, नसों में दर्द, चेहरे या कान में सूजन/घाव और हाथ या पैरों में दर्द रहित घाव शामिल हैं। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद तिवारी, डॉ. पल्लवी सिंह, जुगल किशोर चौबे, चन्द्रेश्वर पाठक, पवन कुमार, मनीष द्विवेदी, रोहित मिश्रा, हिमांशु मिश्रा सहित कई स्वास्थ्य कर्मी और आशाएं उपस्थित रहीं।
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