सिद्धार्थनगर की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी पाए गए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। अदालत में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी (मड़वा) गांव निवासी पिंटू साहनी पर वर्ष 2022 में हत्या का आरोप लगा था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। लंबी सुनवाई और सभी पक्षों को सुनने के बाद, न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे सिद्ध होते हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिद्धार्थनगर, श्री आर.के. त्रिपाठी ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पिंटू साहनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करते हैं, और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है। न्यायालय ने पिंटू साहनी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। यह मामला वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था और तब से लगातार इसकी सुनवाई चल रही थी।
सिद्धार्थनगर में हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा:कोर्ट ने 10 हजार का लगाया जुर्माना, 2022 के मामले में आया फैसला
सिद्धार्थनगर की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में दोषी पाए गए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया। अदालत में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के नहरी (मड़वा) गांव निवासी पिंटू साहनी पर वर्ष 2022 में हत्या का आरोप लगा था। मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। लंबी सुनवाई और सभी पक्षों को सुनने के बाद, न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि अभियुक्त के खिलाफ लगाए गए आरोप संदेह से परे सिद्ध होते हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिद्धार्थनगर, श्री आर.के. त्रिपाठी ने फैसला सुनाते हुए आरोपी पिंटू साहनी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा करते हैं, और ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है। न्यायालय ने पिंटू साहनी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया गया है। यह मामला वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था और तब से लगातार इसकी सुनवाई चल रही थी।









































