बहराइच की महसी तहसील में एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ बार एसोसिएशन महसी के अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल जारी है। अधिवक्ता एसडीएम को तत्काल हटाने की मांग पर अड़े हैं। यह हड़ताल 30 जनवरी से शुरू हुई है और अगले दिन भी जारी रहेगी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम आलोक प्रसाद हठधर्मी और जातिवादी मानसिकता के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम की शह पर न्यायिक तहसीलदार पटेल दाखिल-खारिज के मामलों में बिना पैसे के आदेश नहीं करते। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर जातिवादी मानसिकता और अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन महसी के अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्र ने बताया कि एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ शासन को कई पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महामंत्री रामकर्ण त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि एसडीएम को नहीं हटाया गया तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करेंगे। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ ‘आर-पार की लड़ाई’ लड़ने का संकल्प लिया है। कलमबंद हड़ताल के कारण तहसील महसी में आज अधिवक्ता, बैनामा लेखक और मुंशी सभी कलमबंद हड़ताल पर रहे। निबंधन कार्यालय में बार एसोसिएशन महसी सहित किसी भी बाहरी अधिवक्ता द्वारा भूमि रजिस्ट्री पूरी तरह से बंद रही। बार एसोसिएशन महसी ने एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ पिछले दो महीने से एसडीएम न्यायालय का बहिष्कार कर रखा था। हड़ताल का कारण एसडीएम कार्यालय से प्राप्त एक वार्ता पत्र था। आरोप है कि जब बार एसोसिएशन महसी का एक शिष्टमंडल वार्ता के लिए एसडीएम के चैंबर में पहुंचा, तो उन्होंने वार्ता पत्र से अनभिज्ञता जताई। इस पर अधिवक्ता भड़क गए। इसके बाद हाउस की बैठक बुलाकर एसडीएम के खिलाफ पांच दिवसीय ‘हल्ला बोल’ और 28 जनवरी से क्रमिक धरना प्रदर्शन का प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसके बाद अब कलमबंद हड़ताल जारी है।
महसी में एसडीएम के खिलाफ कलमबंद हड़ताल: वकील हटाने की मांग पर अड़े, न्यायिक कार्य ठप – Mahsi News
बहराइच की महसी तहसील में एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ बार एसोसिएशन महसी के अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल जारी है। अधिवक्ता एसडीएम को तत्काल हटाने की मांग पर अड़े हैं। यह हड़ताल 30 जनवरी से शुरू हुई है और अगले दिन भी जारी रहेगी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि एसडीएम आलोक प्रसाद हठधर्मी और जातिवादी मानसिकता के हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम की शह पर न्यायिक तहसीलदार पटेल दाखिल-खारिज के मामलों में बिना पैसे के आदेश नहीं करते। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर जातिवादी मानसिकता और अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाया है। बार एसोसिएशन महसी के अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्र ने बताया कि एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ शासन को कई पत्र भेजे गए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। महामंत्री रामकर्ण त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि यदि एसडीएम को नहीं हटाया गया तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करेंगे। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ ‘आर-पार की लड़ाई’ लड़ने का संकल्प लिया है। कलमबंद हड़ताल के कारण तहसील महसी में आज अधिवक्ता, बैनामा लेखक और मुंशी सभी कलमबंद हड़ताल पर रहे। निबंधन कार्यालय में बार एसोसिएशन महसी सहित किसी भी बाहरी अधिवक्ता द्वारा भूमि रजिस्ट्री पूरी तरह से बंद रही। बार एसोसिएशन महसी ने एसडीएम आलोक प्रसाद के खिलाफ पिछले दो महीने से एसडीएम न्यायालय का बहिष्कार कर रखा था। हड़ताल का कारण एसडीएम कार्यालय से प्राप्त एक वार्ता पत्र था। आरोप है कि जब बार एसोसिएशन महसी का एक शिष्टमंडल वार्ता के लिए एसडीएम के चैंबर में पहुंचा, तो उन्होंने वार्ता पत्र से अनभिज्ञता जताई। इस पर अधिवक्ता भड़क गए। इसके बाद हाउस की बैठक बुलाकर एसडीएम के खिलाफ पांच दिवसीय ‘हल्ला बोल’ और 28 जनवरी से क्रमिक धरना प्रदर्शन का प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसके बाद अब कलमबंद हड़ताल जारी है।






































