श्रावस्ती में शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। होटल तुलिप में हुई इस बैठक में दोनों देशों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रावस्ती अश्विनी कुमार पाण्डेय ने की। उन्होंने भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों में सौहार्द और विश्वास का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सीमावर्ती नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित संवाद पर बल दिया। बैठक में मादक पदार्थों, शराब, गोवंश और मानव तस्करी, नकली मुद्रा के प्रचलन, अवैध आवागमन तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति बनाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही, भारत-नेपाल की खुली सीमा का दुरुपयोग करने वाले तत्वों पर संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए, कुसुम और सोनारी बेसिन से छोड़े जाने वाले पानी की पूर्व सूचना साझा करने पर भी सहमति बनी। जिलाधिकारी ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से श्रावस्ती के तटवर्ती गांवों को अलर्ट कर बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। नेपाल प्रशासन ने पूर्व सूचना देने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक श्रावस्ती राहुल भाटी ने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सीमावर्ती थाना मल्हीपुर और सिरसिया क्षेत्र के अंतर्गत सुईया एवं ककरदरी बॉर्डर पर कड़ी निगरानी रखने पर जोर दिया। बैठक के अंत में, दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी समन्वय को और मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन स्मृति चिन्हों के आदान-प्रदान और सामूहिक फोटो सेशन के साथ हुआ।





































