सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र स्थित ग्राम बनौली में चल रहे नवदिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ के तहत आज शुक्रवार को अयोध्या धाम के कथावाचक दिव्यांशु जी महाराज ने रामकथा का वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला। महाराज दिव्यांशु ने भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह का सूक्ष्म वर्णन किया, जिससे जनकपुर नगरी में आनंद का माहौल बन गया। कथा में चारों राजकुमारों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—के विवाह प्रसंग को भी प्रस्तुत किया गया। उन्होंने जनक जी द्वारा पुत्री सीता की विदाई, बारात की अयोध्या वापसी, और बाद में राजा जनक के अयोध्या आगमन तथा सीता से पुनः मिलन के प्रसंगों का भी उल्लेख किया। श्रोताओं ने कथावाचक के वर्णन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद संत कबीर नगर भीष्म शंकर तिवारी उर्फ कुशल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष सिद्धार्थनगर उपेंद्र सिंह, और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। आयोजक पंडित अशोक शास्त्री ने सभी मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम 6 बजे तक चलती है, जिसके बाद भगवान की आरती के साथ दिन का कार्यक्रम संपन्न होता है। आयोजक अशोक शास्त्री ने अपने संबोधन में बताया कि श्री विष्णु महायज्ञ की कथा 31 जनवरी 2026, शनिवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से कथा के अंतिम दिन उपस्थित होकर भगवान श्रीराम की लीला का श्रवण करने और यज्ञ का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।
बनौली में श्री विष्णु महायज्ञ जारी:अयोध्या धाम के कथावाचक ने राम-सीता विवाह का वर्णन किया
सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र स्थित ग्राम बनौली में चल रहे नवदिवसीय श्री विष्णु महायज्ञ के तहत आज शुक्रवार को अयोध्या धाम के कथावाचक दिव्यांशु जी महाराज ने रामकथा का वर्णन किया। उन्होंने भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग पर विस्तार से प्रकाश डाला। महाराज दिव्यांशु ने भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह का सूक्ष्म वर्णन किया, जिससे जनकपुर नगरी में आनंद का माहौल बन गया। कथा में चारों राजकुमारों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न—के विवाह प्रसंग को भी प्रस्तुत किया गया। उन्होंने जनक जी द्वारा पुत्री सीता की विदाई, बारात की अयोध्या वापसी, और बाद में राजा जनक के अयोध्या आगमन तथा सीता से पुनः मिलन के प्रसंगों का भी उल्लेख किया। श्रोताओं ने कथावाचक के वर्णन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद संत कबीर नगर भीष्म शंकर तिवारी उर्फ कुशल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष सिद्धार्थनगर उपेंद्र सिंह, और भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। आयोजक पंडित अशोक शास्त्री ने सभी मुख्य अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम 6 बजे तक चलती है, जिसके बाद भगवान की आरती के साथ दिन का कार्यक्रम संपन्न होता है। आयोजक अशोक शास्त्री ने अपने संबोधन में बताया कि श्री विष्णु महायज्ञ की कथा 31 जनवरी 2026, शनिवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से कथा के अंतिम दिन उपस्थित होकर भगवान श्रीराम की लीला का श्रवण करने और यज्ञ का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।





































