महाराजगंज के सोनपिपरी खुर्द गांव निवासी डॉ. मोहम्मद आकिब खान ने विदेश से एमबीबीएस करने के बाद भारत में चिकित्सा अभ्यास के लिए अनिवार्य मानी जाने वाली एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी में आयोजित एफएमजीई परीक्षा में उन्होंने 300 में से 214 अंक प्राप्त कर न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि जिले का नाम भी रोशन किया। डॉ. आकिब खान की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पारंपरिक धार्मिक शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान-दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मेडिकल की पढ़ाई से पहले उन्होंने एकसड़वा स्थित दारुल उलूम फुरकानिया से हाफिज की शिक्षा पूरी की। इसके बाद नई दिल्ली के प्रतिष्ठित जामिया इस्लामिया सनाबिल से आलिमियत की डिग्री हासिल की। दीनी तालीम के साथ ही मेडिकल बनने का सपना संजोए डॉ. आकिब आगे की पढ़ाई के लिए विदेश गए। उन्होंने किर्गिस्तान के ओश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की, जहां उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल भी हासिल किया। डॉ. आकिब, बहदुरी बाजार स्थित सैयद अहमद खान इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य उबैदुल्लाह खान के पुत्र हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य उबैदुल्लाह खान और उनकी माता राशिदा खातून ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आकिब शुरू से ही अनुशासित और मेहनती छात्र रहा है। उन्होंने बताया कि चाहे कुरान याद करना हो या मेडिकल जैसी कठिन पढ़ाई, आकिब ने हर क्षेत्र में पूरी लगन से मेहनत की। गौरतलब है कि एफएमजीई परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। विदेश से एमबीबीएस कर लौटने वाले छात्रों के लिए भारत में प्रैक्टिस करने के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है। ऐसे में 214 अंकों के साथ सफलता हासिल करना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।
महाराजगंज के आकिब ने FMGE में 214 अंक हासिल किए: मदरसे में प्रारंभिक शिक्षा फिर किर्गिस्तान से किया MBBS, गांव में खुशी की लहर – Brijmanganj(Maharajganj) News
महाराजगंज के सोनपिपरी खुर्द गांव निवासी डॉ. मोहम्मद आकिब खान ने विदेश से एमबीबीएस करने के बाद भारत में चिकित्सा अभ्यास के लिए अनिवार्य मानी जाने वाली एफएमजीई (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) परीक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी में आयोजित एफएमजीई परीक्षा में उन्होंने 300 में से 214 अंक प्राप्त कर न सिर्फ परीक्षा पास की, बल्कि जिले का नाम भी रोशन किया। डॉ. आकिब खान की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने पारंपरिक धार्मिक शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान-दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मेडिकल की पढ़ाई से पहले उन्होंने एकसड़वा स्थित दारुल उलूम फुरकानिया से हाफिज की शिक्षा पूरी की। इसके बाद नई दिल्ली के प्रतिष्ठित जामिया इस्लामिया सनाबिल से आलिमियत की डिग्री हासिल की। दीनी तालीम के साथ ही मेडिकल बनने का सपना संजोए डॉ. आकिब आगे की पढ़ाई के लिए विदेश गए। उन्होंने किर्गिस्तान के ओश से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की, जहां उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल भी हासिल किया। डॉ. आकिब, बहदुरी बाजार स्थित सैयद अहमद खान इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य उबैदुल्लाह खान के पुत्र हैं। बेटे की इस उपलब्धि पर प्रधानाचार्य उबैदुल्लाह खान और उनकी माता राशिदा खातून ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आकिब शुरू से ही अनुशासित और मेहनती छात्र रहा है। उन्होंने बताया कि चाहे कुरान याद करना हो या मेडिकल जैसी कठिन पढ़ाई, आकिब ने हर क्षेत्र में पूरी लगन से मेहनत की। गौरतलब है कि एफएमजीई परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। विदेश से एमबीबीएस कर लौटने वाले छात्रों के लिए भारत में प्रैक्टिस करने के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है। ऐसे में 214 अंकों के साथ सफलता हासिल करना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।






































