बहराइच जिले के पयागपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी वेटलैंड बड़ेल झील के इको-पर्यटन विकास कार्य का शिलान्यास किया गया। क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने शनिवार 31 जनवरी 2026 को खंड विकास खंड पयागपुर स्थित झील के विकास कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। इस पहल से पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। शिलान्यास के अवसर पर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि बड़ेल झील का विकास क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि इको-टूरिज्म के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए विकास किया जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को भी लाभ मिल सके। इस परियोजना के लिए कुल 285.42 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपी एसटीडीसी), लखनऊ, इस परियोजना को क्रियान्वित करेगा। परियोजना में झील का सौंदर्यीकरण, पर्यटकों की सुविधाओं का विकास, पाथवे और बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शामिल है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि बड़ेल झील के विकसित होने से पयागपुर क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर निशंक त्रिपाठी, आनंद पांडे, उमशंकर तिवारी, हरिओम रस्तोगी, पर्यटन विभाग की जेई शिवंगी सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
प्रदेश के सबसे बड़े वेटलैंड बड़ेल झील का शिलान्यास: पयागपुर में इको-टूरिज्म हब के रूप में होगा विकसित – Payagpur News
बहराइच जिले के पयागपुर में प्रदेश की सबसे बड़ी वेटलैंड बड़ेल झील के इको-पर्यटन विकास कार्य का शिलान्यास किया गया। क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने शनिवार 31 जनवरी 2026 को खंड विकास खंड पयागपुर स्थित झील के विकास कार्य का विधिवत शिलान्यास किया। इस पहल से पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। शिलान्यास के अवसर पर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि बड़ेल झील का विकास क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि इको-टूरिज्म के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए विकास किया जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियों को भी लाभ मिल सके। इस परियोजना के लिए कुल 285.42 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपी एसटीडीसी), लखनऊ, इस परियोजना को क्रियान्वित करेगा। परियोजना में झील का सौंदर्यीकरण, पर्यटकों की सुविधाओं का विकास, पाथवे और बैठने की व्यवस्था सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शामिल है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि बड़ेल झील के विकसित होने से पयागपुर क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा। इस अवसर पर निशंक त्रिपाठी, आनंद पांडे, उमशंकर तिवारी, हरिओम रस्तोगी, पर्यटन विभाग की जेई शिवंगी सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।





































