पुष्पा गौतम की वर्मी कंपोस्ट से सुधारी धरती की सेहत:महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर बनीं प्रेरणा, राज्यपाल ने किया आमंत्रित

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बस्ती जिले के कप्तानगंज क्षेत्र की बिहरा ग्राम पंचायत निवासी पुष्पा गौतम महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनकर उभरी हैं। वह वर्मी कंपोस्ट उत्पादन के माध्यम से न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि गांव और आसपास की कई महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर समृद्धि की राह दिखा रही हैं। कोविड महामारी से पहले पुष्पा गौतम एक निजी विद्यालय में पढ़ाती थीं। वर्ष 2021 में उन्होंने वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम शुरू करने का फैसला किया। शुरुआत में उन्होंने मात्र करीब 1000 रुपये की लागत से यह कार्य आरंभ किया। उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि लगभग 75 दिनों में ही उन्हें करीब 36 हजार रुपये की आमदनी होने लगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। पुष्पा गौतम की इस सफलता से प्रेरित होकर गांव की अन्य महिलाएं भी इस पहल से जुड़ती चली गईं। धीरे-धीरे यह प्रयास एक छोटे अभियान का रूप लेता गया। वर्तमान में उनके पास 10 वर्मी कंपोस्ट बेड हैं, जिन पर करीब 40 हजार रुपये की लागत से लगभग 30 कुंतल वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जा रहा है। इस पहल का एक और सकारात्मक प्रभाव यह हुआ है कि गांव के लोगों का गोबर भी अब डेढ़ से दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकने लगा है। इससे पशुपालन को बढ़ावा मिल रहा है और किसानों को आसानी से जैविक खाद उपलब्ध हो रही है। पुष्पा गौतम की मेहनत और उपलब्धियों को देखते हुए हाल ही में उन्हें राज्यपाल की ओर से भी आमंत्रण प्राप्त हुआ है। उनकी यह पहल न केवल धरती की सेहत सुधारने में योगदान दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई राह भी खोल रही है।
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