Advertisement

हर्रैया वन क्षेत्र में रविवार देर रात एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक दुर्लभ फिशिंग कैट (मछुआरी बिल्ली) की मौत हो गई। यह घटना नेशनल हाईवे 28 पर रजौली गांव के पास हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वन्यजीव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों की सूचना पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने वन विभाग के दारोगा की मौजूदगी में शव को कब्जे में लिया। फिशिंग कैट पश्चिम बंगाल का राजकीय पशु है और इसे IUCN की रेड लिस्ट में ‘संकटग्रस्त’ (Endangered) श्रेणी में रखा गया है। यह सामान्य बिल्लियों के विपरीत पानी में तैरने और मछली पकड़ने में माहिर होती है। इसका आकार सामान्य बिल्ली से दोगुना होता है, जिसके कारण लोग अक्सर इसे तेंदुआ समझ लेते हैं। 3 बाते जो आपको फिशिंग कैट के बारे में जाननी चाहिए : ⦁ इसके शरीर पर गहरे धब्बे और धारियां होती हैं, जो इसे अन्य जंगली बिल्लियों से अलग बनाती हैं। यह घरेलू बिल्लियों से लगभग दो गुनी बड़ी होती है। ⦁ यह मुख्य रूप से आर्द्रभूमि (Wetlands) और नदियों के किनारे रहती है। ⦁ इसे IUCN में रेड लिस्ट ‘असुरक्षित’ (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है। इसके शरीर पर गहरे धब्बे और धारियां इसकी पहचान हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि रेड लिस्ट में शामिल यह जीव असुरक्षित तरीके से हाईवे तक कैसे पहुंचा। वन क्षेत्राधिकारी शारदानंद त्रिपाठी ने बताया कि फिशिंग कैट अक्सर बस्ती के इलाकों में देखी जाती हैं। यह मुख्य रूप से मछलियों का शिकार करती है और इंसानों पर हमला करने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। त्रिपाठी ने जोर दिया कि इसे बचाने की जरूरत है, न कि इससे डरने की। वन विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। यह जीव मुख्य रूप से आर्द्रभूमि (Wetlands) और नदियों के किनारे रहता है। सड़क हादसे में इसकी मौत होना चिंताजनक है। हाईवे पर वाहनों की बढ़ती रफ्तार अब इन वन्यजीवों के लिए एक बड़ा खतरा बन रही है।




































