Advertisement

बस्ती के महिला पी.जी. कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन सड़क सुरक्षा पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुनीता तिवारी के मार्गदर्शन में छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में छात्राओं ने “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा” अभियान के तहत एक जागरूकता रैली निकाली। यह रैली महाविद्यालय परिसर से शुरू होकर आसपास के क्षेत्रों और विभिन्न मार्गों से गुजरी। छात्राओं ने लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। रैली को सिविल लाइन चौकी इंचार्ज अजय सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेविकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों की जानकारी और उनका पालन सबसे आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं से स्वयं नियमों का पालन करने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। अजय सिंह ने जोर देकर कहा कि सावधानी और सही जानकारी से ही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। शिविर के द्वितीय सत्र में “सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा अभियान” विषय पर एक बौद्धिक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता प्रभारी निरीक्षक यातायात अवधेश तिवारी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। अपने संबोधन में अवधेश तिवारी ने कहा कि जीवन में अनुशासन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही यातायात नियमों का पालन भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि का एक प्रमुख कारण लोगों में यातायात नियमों की जानकारी का अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक नियमों की जानकारी रखते हुए उनका पालन करे तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। मुख्य आरक्षी के.एन. पांडे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन हमारी ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
































