बस्ती के कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता:डॉ. राज किशोर वर्मा ने इसे जीवन के लिए महत्वपूर्ण बताया

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बस्ती के महिला पीजी कॉलेज में प्राचार्या प्रो. सुनीता तिवारी के मार्गदर्शन में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के पहले सत्र में एनएसएस की स्वयंसेविकाओं ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक रैली निकाली। इस रैली को पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय और नगर पालिका परिषद बस्ती के कंपनी बाग वार्ड के सभासद कृष्ण कुमार पाण्डेय उर्फ सोनू पाण्डेय ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अतिथियों ने स्वयंसेविकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। जन जागरूकता रैली कंपनी बाग, रामेश्वर पुरी, गांधी नगर, तुर्कहिया मोहल्ला और राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर हेतु अधिग्रहीत क्षेत्र में भ्रमण करती रही। इस दौरान कंपोजिट विद्यालय तुर्कहिया के छात्र-छात्राओं को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक बौद्धिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि शिक्षाविद् और एपीएन पीजी कॉलेज बस्ती के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राज किशोर वर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में डॉ. राज किशोर वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान वैश्विक परिवेश में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण अभियानों में आमजनमानस की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया। डॉ. वर्मा ने सभी से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्वयं निभानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाएं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और उनके प्रयास निश्चित ही इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश कुमारी पाण्डेय ने किया, जबकि आभार ज्ञापन प्रख्यात समाजशास्त्री डॉ. रघुवर पाण्डेय ने व्यक्त किया।
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