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बोदवल बाजार के पंचमुखी हनुमान मंदिर पूर्वी पोखरे में चल रहे श्रीराम महायज्ञ के पांचवें दिन कथा व्यास पारसमणी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर नामकरण तक की कथा का वर्णन किया। इस दौरान उपस्थित भक्तों के ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। महाराज पारसमणी ने जैसे ही कथा का आरंभ किया, वातावरण भक्तिमय हो गया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया और उनके बाल्यकाल से लेकर नामकरण संस्कार तक की लीलाओं का वर्णन किया। इस अवसर पर कथा व्यास ने कहा कि पूरे ब्रह्मांड को चलाने वाले भगवान विष्णु के अनेकों रूप हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर की आराधना करता है, भगवान उसे सुनते हैं और उसका प्रतिफल भी देते हैं। पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में यह श्रीराम महायज्ञ पिछले 20 वर्षों से अनवरत चल रहा है, जबकि यहां 50 वर्षों से रामलीला का मंचन भी होता आ रहा है। कथा के दौरान अरुण पांडेय, अजय पांडेय, रामसूरत कसौधन, अशोक कसौधन, शिवमूरत कसौधन, शिवपूजन अग्रहरि, राजेश गौड़, अनुज सोनी, सत्यनारायण सिंह, आशुतोष जायसवाल, गिरजेश कसौधन, रामकिशुन, राजेश, सचिन, संजय, संदीप, दीपक, गुड़िया देवी, साधना कसौधन, अन्नू कसौधन, विनीता कसौधन, गीता, रीता, उषा और गुलाब कली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।




































