भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव:फत्तेपुर में पांचवें दिन मनाया गया, पंडाल जयकारों से गूंजा

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फत्तेपुर गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कथा व्यास पं. प्रहलाद तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का वर्णन किया, जिससे पूरा कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आकर्षक झांकी का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय भजनों से गुंजायमान हो उठा, जिससे वातावरण में धार्मिक उत्साह का संचार हुआ। कथा व्यास पं. प्रहलाद तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कंस के अत्याचार बढ़ने और धर्म का मार्ग अवरुद्ध होने पर धर्म की रक्षा हेतु भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। पं. तिवारी ने अपने प्रवचन में कहा कि जब भी धर्म की हानि होती है, भगवान श्री नारायण दुष्टों का विनाश कर धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। उन्होंने श्रोताओं से किसी भी परिस्थिति में धर्म का साथ न छोड़ने का आह्वान किया। कथा व्यास ने यह भी समझाया कि ईश्वर अपने भक्तों की परीक्षा लेते हैं, परंतु कठिन समय में भी उन्हें हारने नहीं देते। इसलिए, व्यक्ति को कभी भी धर्म से विमुख नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर यजमान भानू प्रताप यादव के साथ ग्रामीण राधेश्याम, कपिलदेव, राहुल, आदर्श और आलोक यादव सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।
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