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बोदवल बाजार में चल रहे श्रीराम महायज्ञ के छठवें दिन कथाव्यास पारसमणि महाराज ने गुरु विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और गंगा अवतरण जैसे प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ा है, ईश्वर ने स्वयं जन्म लेकर दुष्टों का संहार किया है। अयोध्या धाम से आए कथाव्यास पारसमणि महाराज ने बुधवार को अपनी कथा में गुरु विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के प्रसंग पर प्रकाश डाला। उन्होंने भक्तों से कहा कि आज भी धरती पर ऐसी आसुरी शक्तियां मौजूद हैं, जो धार्मिक कार्यों में बाधा डालती हैं। सच्ची श्रद्धा और ईमानदारी से प्रभु में लीन होने की आवश्यकता है। महाराज ने जोर दिया कि यदि आप सच्चाई के साथ हैं, तो कोई आपका कुछ बिगाड़ नहीं सकता। विपरीत परिस्थितियों में भी ईश्वर किसी न किसी रूप में आपकी सहायता के लिए आते हैं। उन्होंने गाय को माता की संज्ञा देते हुए गौ रक्षा को हर इंसान का कर्तव्य बताया। इस अवसर पर अरुण पांडेय, अजय पांडेय, रामसूरत कसौधन, अशोक कसौधन, शिवमूरत कसौधन, शिवपूजन अग्रहरि, राजेश गौड़, अनुज सोनी, सत्यनारायण सिंह, आशुतोष जायसवाल, गिरजेश कसौधन, रामकिशुन, राजेश, सचिन, संजय, संदीप, दीपक, गुड़िया देवी, साधना कसौधन, अन्नू कसौधन, विनीता कसौधन, गीता, रीता, उषा और गुलाब कली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।
































