पुराने केस में दबाव बनाने के लिए लगाया फर्जी आरोप:बस्ती में नाबालिग से छेड़छाड़ व दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट का निर्देश

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बस्ती के गौर थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव नाबालिग से छेड़छाड़ व दुष्कर्म के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। गांव निवासी विपिन कुमार, विनय कुमार, राधिका देवी तथा रामपाल उर्फ बागेदु के खिलाफ एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़, मारपीट, अश्लील फोटो बनाने व दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने यह मुकदमा अलग-अलग धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा तहत दर्ज किया था। पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। आरोपी विपिन के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई के लिए नोटिस भी जारी किया गया था। इसी बीच अभियुक्तों ने अधिवक्ता रमन पांडेय के माध्यम से हाईकोर्ट में एफआईआर को चुनौती दी। 9 मार्च को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की पीठ के समक्ष बचाव पक्ष ने दलील दी कि लगाए गए आरोप निराधार हैं और पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि इससे पहले विपिन की मां राधिका देवी ने पीड़िता के परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उसी मामले में दबाव बनाने और समझौता कराने के उद्देश्य से यह एफआईआर दर्ज कराई गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट से राहत मिलने के बाद विपिन का परिवार जल्द ही अपने घर लौटने की तैयारी में है। इस प्रकरण में पुलिसकर्मियों से मारपीट के आरोप में विपिन के कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ भी पुलिस ने अलग से मुकदमा दर्ज किया है।
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