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बस्ती के महिला पी.जी. कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की रानी लक्ष्मीबाई इकाई ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता रैली निकाली। यह रैली प्राचार्या प्रो. सुनीता तिवारी के मार्गदर्शन में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य छात्राओं और आम नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था। रैली को कंपोजिट विद्यालय तुर्कहिया की प्रधानाचार्य श्रीमती नजराना जमाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सहायक अध्यापिका अफसाना मंसूरी, श्रीमती मंजू यादव, मंजू मिश्रा, अपर्णा यादव और दिव्या पाण्डेय सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। यह जागरूकता रैली तुर्कहिया मोहल्ले और शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जहाँ लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। रैली का समापन महाविद्यालय परिसर में हुआ। शिविर के द्वितीय बौद्धिक सत्र में साइबर थाना बस्ती के उपनिरीक्षक मनोज दूबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि आरक्षी जितेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि थे। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर सत्र का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उपनिरीक्षक मनोज दूबे ने साइबर अपराधों की रोकथाम में जन जागरूकता को सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग साइबर अपराध के तरीकों से अनजान होते हैं, जिससे वे आसानी से अपराधियों का शिकार बन जाते हैं। दूबे ने लोगों को फ्रॉड बैंक मैसेज, संदिग्ध फोन कॉल और किसी भी माध्यम से मांगी जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी। उन्होंने ऐसी जानकारी की सत्यता की पहले जांच करने पर जोर दिया। मनोज दूबे ने छात्राओं को ‘डिजिटल वॉरियर्स’ बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि डिजिटल वॉरियर्स का कार्य सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फर्जी खबरों का खंडन करना, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री का विरोध करना और बिना सत्यापन के किसी भी सूचना को साझा न करना है। उन्होंने फर्जी लोन ऐप, फेक हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड, स्क्रीन शेयरिंग ऐप के दुरुपयोग, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, वीडियो कॉल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी सुझाए। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश कुमारी पाण्डेय ने किया, जबकि समाजशास्त्री डॉ. रघुवर पाण्डेय ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षक उपस्थित थे।



































