
रमजान माह के आखिरी जुमे पर नगर बाजार स्थित जामा मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अलविदा की नमाज अदा की। सुबह से ही मस्जिद परिसर में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। नगर बाजार और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। मस्जिद के अंदर और बाहर नमाजियों की लंबी कतारें देखी गईं। नमाज से पहले, मस्जिद के इमाम कारी नूर आलम ने लोगों को संबोधित किया और रमजान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रमजान का महीना धैर्य, इबादत और इंसानियत का संदेश देता है। इमाम ने कहा कि इस महीने में अधिक से अधिक नेक काम करने और जरूरतमंदों की मदद करने पर जोर देना चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और समाज में प्रेम व सद्भाव बढ़ाने की अपील भी की। इमाम कारी नूर आलम ने अलविदा जुमे को मुसलमानों के लिए विशेष बताया, क्योंकि यह रमजान का अंतिम जुमा होता है। उन्होंने कहा कि इस दिन अल्लाह की इबादत और दुआ का विशेष महत्व है। इमाम ने नमाजियों को अपने जीवन में सच्चाई, ईमानदारी और नेक रास्ते पर चलने तथा समाज में शांति व सद्भाव का वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। नमाज के बाद, सभी नमाजियों ने देश की तरक्की, भाईचारे और अमन-चैन के लिए दुआएं मांगीं। लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर रमजान की मुबारकबाद दी और आगामी ईद को लेकर खुशी व्यक्त की। अलविदा नमाज के दौरान, स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। इससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नमाज के बाद, लोग शांतिपूर्वक अपने घरों को लौट गए। रमजान के इस अवसर पर नगर बाजार का माहौल धार्मिक आस्था और भाईचारे से भरा रहा।




































