
बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा दूधौरा के राजस्व गांव परसा में एक बारातघर पिछले आठ वर्षों से अधूरा पड़ा है। इसका निर्माण ग्रामीणों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था, लेकिन छत न होने के कारण यह अब खंडहर में तब्दील हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब आठ साल पहले सांसदनिधि से इस बारातघर का निर्माण शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य गांव के गरीब परिवारों को बेटियों की शादी के लिए महंगे मैरिज हॉल पर निर्भरता से बचाना था। हालांकि, भवन की दीवारें खड़ी कर दी गई हैं। लेकिन छत का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है। छत के अभाव में भवन के भीतर और दीवारों के बीच भारी मात्रा में घास-फूस उग आए हैं। रखरखाव की कमी के कारण यह ढांचा धीरे-धीरे जर्जर होकर खंडहर में बदल रहा है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। गांव के निवासी सुरेश चंद्र मिश्र ने इस बदहाली को लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें केवल इतना आश्वासन मिला कि उनकी शिकायत कप्तानगंज ब्लॉक को भेज दी गई है, लेकिन कोई संतोषजनक समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण ओम प्रकाश और अन्य स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायत करने पर विभाग से हमेशा “बजट खत्म हो गया है” का जवाब मिलता है। ग्रामीणों ने इसे सरकारी धन की खुली बर्बादी बताया है। इस संबंध में वीडीओ कप्तानगंज, चंद्रभान उपाध्याय से बात की गई। उन्होंने अपनी असमर्थता जताते हुए कहा कि बारातघर का निर्माण किसी विशेष निधि के तहत होता है और ब्लॉक स्तर से इसके निर्माण का सीधा प्रावधान नहीं है। ग्रामीणों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, “आठ साल बीत गए, ढांचा खड़ा है लेकिन काम अधूरा है। हमें आज भी मजबूरी में बस्ती शहर के महंगे मैरिज हॉलों का रुख करना पड़ता है।
































