राम भरत मिलाप प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भावुक:बोदवल बाजार में श्रीराम महायज्ञ के दौरान कथा का वर्णन

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बोदवल बाजार के पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में चल रहे श्रीराम महायज्ञ के ग्यारहवें दिन अयोध्या धाम से आए कथा व्यास पारसमणी महाराज ने राम भरत मिलाप का प्रसंग सुनाया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वे भावुक हो उठे। यह महायज्ञ का ग्यारहवां और अंतिम दिन था। जैसे ही कथा व्यास ने राम भरत मिलाप की कथा का वर्णन शुरू किया, श्रद्धालुओं की आंखों से अश्रुधारा बहने लगी। कथावाचक पारसमणी महाराज ने राम भरत मिलाप का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम और भरत जैसा आदर्श प्रेम और विश्वास किसी अन्य साहित्य में देखने को नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि श्रीराम ने पिता की आज्ञा को सर्वोपरि मानते हुए मर्यादा की सौगंध देकर भरत को अयोध्या का राजसिंहासन संभालने का आदेश दिया था। भरत ने सिंहासन चलाने के लिए प्रभु श्रीराम से उनकी चरण पादुकाएं मांगीं। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक श्रीराम अयोध्या वापस नहीं आएंगे, वे उन्हीं चरण पादुकाओं का आदेश मानकर नंदीग्राम में रहकर राजकाज का कार्य संपन्न करेंगे। इस अवसर पर अरुण पांडेय, अजय पांडेय, रामसूरत कसौधन, अशोक कसौधन, शिवमूरत कसौधन, शिवपूजन अग्रहरि, राजेश गौड़, अनुज सोनी, सत्यनारायण जायसवाल, आशुतोष जायसवाल, गिरजेश कसौधन, रामकिशुन, राजेश, सचिन, राम स्वारथ कन्नौजिया, संजय, संदीप, दीपक, गुड़िया देवी, साधना कसौधन, अन्नू कसौधन, विनीता कसौधन, गीता, रीता, उषा, गुलाब कली सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
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