
नगर बाजार कस्बे की जामा मस्जिद में रमजान के पवित्र महीने के दौरान अदा की जा रही तरावीह की नमाज़ शनिवार को मुकम्मल हो गई। पूरे रमजान माह में बड़ी संख्या में नमाज़ियों ने जामा मस्जिद पहुंचकर कुरआन-ए-पाक की तिलावत सुनी। तरावीह की नमाज़ मुकम्मल होने पर नमाज़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। मस्जिद के इमाम और कारी नूर आलम ने पूरे रमजान माह में तरावीह के दौरान कुरआन-ए-पाक की तिलावत कराई। उनकी खूबसूरत तिलावत और बेहतर अंदाज़ से नमाज़ अदा कराने पर नमाज़ियों ने उनकी सराहना की। नमाज़ मुकम्मल होने के बाद मस्जिद में मौजूद लोगों ने उन्हें मुबारकबाद दी और उनके लिए दुआ भी की। इस अवसर पर कारी नूर आलम ने रमजान के महीने को बरकत, रहमत और मगफिरत का महीना बताया। उन्होंने कहा कि इस महीने में इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए हर मुसलमान को ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए और जरूरतमंदों की मदद भी करनी चाहिए। कारी नूर आलम ने लोगों से आपसी भाईचारा, अमन और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की। तरावीह की नमाज़ मुकम्मल होने के बाद मस्जिद में दुआ का आयोजन किया गया। इसमें देश और समाज की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाज़ी मौजूद रहे और सभी ने रमजान के आखिरी दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करने का संकल्प लिया। इस मौके पर जमील अहमद, सरताज आलम, खलीक खान, इजहार अहमद, मिसबाहुद्दीन, कलीम, माहेताब अहमद, डॉक्टर फारूक अहमद, शाबान इदरीसी, नियाज अहमद इदरीसी समेत बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित रहे।


































