
बस्ती साउघाट के विभिन्न क्षेत्रों में ईद उल फितर त्योहार की तैयारियों को लेकर बाजारों में भीड़ देखी गई। मुस्लिम आबादी वाले चौराहों पर लोगों ने त्योहार मनाने के लिए खरीदारी की। ईद उल फितर का यह त्योहार पैगंबर मोहम्मद साहब की हिजरत (मक्का से मदीना प्रवासन) के दूसरे साल पहली बार मनाया गया था। सन दो हिजरी में पैगंबर मोहम्मद साहब ने स्वयं ईद की नमाज पढ़ाई थी। यह त्योहार हर साल धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। इस अवसर पर विशेष नमाज भी अदा की जाती है।




























