
लालगंज बाजार में देर रात दुकानों में आगजनी की घटना सामने आई है। बदमाशों ने पेट्रोल छिड़ककर दुकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को बखरिया बगिया के पास से पकड़ा गया। मुख्य आरोपी की पहचान कुख्यात हिस्ट्रीशीटर किशन यादव के रूप में हुई है। थाना लालगंज में इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कड़ी धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस अभी भी इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है, जिनमें लोरिक पांडे का भाई अमर पांडे और नामजद मुकेश चौधरी शामिल हैं। मुकेश चौधरी को हिस्ट्रीशीटर किशन यादव का दाहिना हाथ बताया जा रहा है। व्यापारियों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि लालगंज चौकी से चंद कदमों की दूरी पर यह दूसरी बार ऐसी वारदात हुई है, और पुलिस ने पहले की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की। व्यापारियों का यह भी आरोप है कि पुलिस 24 घंटे का हवाला देकर उन्हें घुमा रही है और अन्य अपराधियों को बचाने में जुटी है। लालगंज थाना अध्यक्ष विनय कुमार पाठक का कहना है कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की आशंका जताई जा रही है।





























