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राज्य महिला आयोग की सदस्या डॉ. अंजू प्रजापति बुधवार को श्रावस्ती पहुंचीं। उनका उद्देश्य महिला उत्पीड़न की रोकथाम, पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और जनसुनवाई करना था। उन्होंने भिनगा स्थित निरीक्षण भवन पहुंचने के बाद पुलिस लाइन सभागार में महिलाओं व बालिकाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 7 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 2 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। कुछ मामले न्यायालय से संबंधित पाए गए, जबकि अन्य शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर डॉ. अंजू प्रजापति ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगाने और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं और बालिकाओं को बिना किसी भेदभाव के सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए, जिसके लिए महिला आयोग लगातार प्रयासरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे महिलाओं व बालिकाओं की सभी शिकायतों को गंभीरता से लें। उन्होंने समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना न पड़े और उनका मान-सम्मान बना रहे। सदस्या ने अभिभावकों से अपील की कि वे लड़का-लड़की में किसी प्रकार का भेदभाव न करें और दोनों को समान शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियां अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करेंगी। डॉ. प्रजापति ने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना बताया, जिसका उद्देश्य बेटियों को शिक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाना है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया और महिलाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के लिए लोगों को जागरूक करने की अपील की।


































