रजा नूरी मस्जिद में कुरान-ए-पाक की तिलावत मुकम्मल:श्रावस्ती के बन्ठिहवा गांव में 27वीं तरावीह पर गूंजी दुआएं

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श्रावस्ती जनपद के सिरसिया क्षेत्र के बन्ठिहवा गांव स्थित रजा नूरी मस्जिद में रमजान की 26वीं तारीख की रात कुरान-ए-पाक की तिलावत मुकम्मल की गई। यह आयोजन 27वीं तरावीह के दौरान हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद रहे और मस्जिद को विशेष रूप से सजाया गया था। तरावीह की नमाज में हाफिज मोहम्मद अफजाल खान ने पूरे कुरान-ए-पाक की तिलावत पूरी की। इस अवसर पर मस्जिद में मौजूद लोगों ने खुशी व्यक्त की और हाफिज खान को फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। मस्जिद कमेटी ने उन्हें उपहार भी भेंट किए और उनकी मेहनत की सराहना की। इस मौके पर नमाजियों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी। उन्होंने पूरे इलाके में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं कीं। यह रात रमजान की सबसे महत्वपूर्ण रातों में से एक, शब-ए-कद्र की रात भी मानी जाती है। इस्लाम में इस रात को बहुत फजीलत हासिल है। मान्यता है कि इस रात की इबादत हजार महीनों की इबादत से भी अधिक अफजल होती है। माना जाता है कि इस मुबारक रात में अल्लाह की रहमतें बरसती हैं। सच्चे दिल से इबादत करने वालों के गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। इस रात हजरत जिब्रील अलैहिस्सलाम के साथ फरिश्ते भी अल्लाह के हुक्म से जमीन पर उतरते हैं, जिससे पूरी रात बरकत और सलामती का माहौल बना रहता है। इसी मुबारक रात में कुरान-ए-पाक को लौहे-महफूज से दुनिया के आसमान पर उतारा गया था। इस प्रकार, बन्ठिहवा गांव की रजा नूरी मस्जिद में कुरान की तिलावत मुकम्मल होने और शब-ए-कद्र की मुबारक रात के कारण पूरे इलाके में एक विशेष रूहानी माहौल देखा गया। लोगों ने रात भर इबादत कर अल्लाह से रहमत और बरकत की दुआएं मांगीं।
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