आंगनवाड़ी सहायिका से भर्ती के लिए रिश्वत मांगी, CDPO निलंबित:जांच में ऑडियो क्लिप से मैच हुई आवाज, 20 हजार रुपए की डिमांड की थी

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श्रावस्ती में आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति में रिश्वत मांगने के आरोप में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सिरसिया को निलंबित कर दिया गया है। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई और मोबाइल वार्ता की ऑडियो क्लिप में अधिकारी की आवाज की पुष्टि हुई। मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद ने बताया कि प्रियंका आर्य पत्नी मंगली प्रसाद ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सीडीपीओ सिरसिया ने आंगनवाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए 20 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत के साथ एक मोबाइल ऑडियो क्लिप भी प्रस्तुत की गई थी। जिलाधिकारी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने डिप्टी कलेक्टर प्रवीण कुमार यादव और डिप्टी कलेक्टर रवेंद्र कुमार की एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया। जांच टीम ने पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की। प्रस्तुत की गई ऑडियो क्लिप की जांच में सीडीपीओ सिरसिया मुकेश कुमार की आवाज होने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी पाया गया कि सहायिका की नियुक्ति के संबंध में धनराशि मांगने की शिकायत प्रथम दृष्टया सही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीपीओ मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को पत्र भेजकर संस्तुति की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में आंगनवाड़ी नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाए रखने का संदेश दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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