
श्रावस्ती के प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल जेतवन में मधुमक्खियों के लगातार हमलों से तीर्थयात्री घायल हो रहे है। तीन दिनों में दो घटनाओं में 11 विदेशी श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना में कराया गया। हली घटना सोमवार को हुई, जब श्रीलंका से आए 40 सदस्यीय तीर्थयात्रियों का दल जेतवन में पूजा-अर्चना कर रहा था। गंधकुटी में पूजा के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में सुशांत, रोहित, नंदा शिवमती, चंद्रसेन, निर्वासा, स्वर्ण माली, हेमलता और कोलंबो निवासी टिटास सहित 8 लोग घायल हो गए। दल के नेता के अनुसार, यह समूह 4 मार्च को कोलंबो से दिल्ली पहुंचा था और आगरा, भोपाल, बोधगया, वाराणसी, कपिलवस्तु और लुंबिनी होते हुए श्रावस्ती पहुंचे थे। दूसरी घटना बुधवार को हुई, जब थाईलैंड से आए 24 सदस्यीय दल पर जेतवन पार्क में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इस दौरान नारुएमोन, चिसानू फाडुंगसैट और सोमसाक सेंगचालिन सहित 3 लोग घायल हुए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। लगातार दो घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध इस तीर्थस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु यहां दर्शन और साधना के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।































