श्रावस्ती में चैत्र नवरात्रि शुरू:माँ शैलपुत्री की पूजा के साथ मंदिरों में उमड़ी भीड़, व्यापक व्यवस्था

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श्रावस्ती में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व गुरुवार से शुरू हो गया। पहले दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्त मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचने लगे। जिले के प्रमुख देवी मंदिरों जैसे सीता द्वार मंदिर, जगपति धाम मंदिर और बाबा झारखंडी मंदिर सहित अन्य शक्तिपीठों पर चैत्र नवरात्रि के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 19 मार्च (गुरुवार) से 27 मार्च तक मनाई जाएगी। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा की जाएगी। पहले दिन सुबह 06:52 से 07:53 बजे के शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना (घटस्थापना) की गई। अष्टमी और नवमी तिथि (26-27 मार्च) को कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा। नवरात्रि के प्रथम दिन माँ शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण शैलपुत्री कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी उपासना से जीवन में स्थिरता, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। चैत्र नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय और नई ऊर्जा का प्रतीक भी है। इस दौरान प्रकृति में भी नवचेतना का संचार होता है, जिससे यह पर्व आध्यात्मिक साधना और आत्मशुद्धि का विशेष अवसर बन जाता है। पंडित सुधाकर शर्मा ने बताया कि नवरात्रि का प्रथम दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि माँ के आगमन के साथ ही हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है। माँ के आगमन से किसानों के जीवन में नई उम्मीदें जागती हैं। इस दिन लोग माँ के चरणों में शीश झुकाकर नए कार्यों की शुरुआत करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं।
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