महाराजगंज जिला मुख्यालय पर आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष जमीरुन निशा ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि आशा कार्यकर्ता संगठन उत्तर प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों की नियुक्ति को 20 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें वही पुरानी धनराशि मिल रही है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में अपर्याप्त है। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकारों ने संविदा कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की घोषणा के साथ आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों के लिए भी कुछ बेहतर करने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बताते हुए कहा कि वे सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाती हैं। आशा कार्यकर्ताएं गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण से लेकर जच्चा-बच्चा की देखभाल और संपूर्ण टीकाकरण का कार्य करती हैं। उनके अथक प्रयासों से शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी आई है। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर प्रवासी लोगों की मदद की थी। एक निश्चित मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा और बकाया भुगतान न होने के कारण प्रदेश की समस्त आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों को अपने परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आशा संगिनी बहनों को आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याओं की जांच कर समाधान किया जाएगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष जमीरुन निशा के साथ राजू चौधरी, राम सवेरे यादव, दूधनाथ शर्मा, रंगीला देवी, लीलावती, सोनी गुप्ता, रीता देवी, सुनीता, विमला देवी, आशा, शशि प्रभा, पूजा देवी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
महाराजगंज में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन:वेतन वृद्धि और राज्य कर्मचारी दर्जे की मांग की गई
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