श्रावस्ती में हाल ही में गेहूं की खड़ी फसलों और फूस के मकानों में आग लगने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने अग्निकांड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस क्रम में उपजिलाधिकारी प्रवीण यादव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि विद्युत तारों का ढीलापन, ट्रांसफार्मरों से निकलने वाली चिंगारी, फसल अवशेष जलाना और फूस के मकानों में चूल्हे की आग, अग्निदुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए विद्युत विभाग को तारों और ट्रांसफार्मरों का ऑडिट करने, तेज आंधी के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बंद करने तथा किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के ऊपर से गुजर रहे तारों के नीचे खलिहान का कार्य न करने, ट्रांसफार्मरों के आसपास की फसल समय से पहले काटने और फूस की झोपड़ियों में चूल्हों के ऊपर टीन शेड या एजबेस्टस शीट लगाने के लिए प्रचार-प्रसार करने को कहा है। फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए चेतावनी दी गई है कि नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी और किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से ‘हर-घर जल’ योजना के अंतर्गत बने पानी के टैंकों, वाटर हाइड्रेंट्स और अन्य जल स्रोतों की सूची तैयार कर साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने जानकारी दी कि अग्निशमन विभाग पूरी तरह सक्रिय है। अग्निकांड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आपदा मित्रों को अग्नि-सचेतक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जोगिया और जानकीनगर में आपदा मित्रों की सक्रियता से बड़े नुकसान को रोका जा चुका है, जिसके मद्देनजर उनकी रिफ्रेशमेंट ट्रेनिंग कराई जा रही है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आग से बचाव संबंधी निर्देशों का पालन करें और किसी भी अग्निदुर्घटना की सूचना तत्काल संबंधित विभागों को दें।
श्रावस्ती में अग्निकांड रोकथाम को लेकर डीएम सख्त:SDM नोडल अधिकारी नियुक्त, फसल अवशेष जलाने पर होगी कार्रवाई
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