दसिया विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत जमदाशाही और मझौवामीर गांवों में बिजली आपूर्ति आज भी बांस-बल्ली और जर्जर तारों के सहारे हो रही है। जहां एक ओर बिजली विभाग विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए खंभे और तार बदलने का दावा करता है, वहीं इन क्षेत्रों में ये दावे हवाई साबित हो रहे हैं। जमदाशाही बाजार के पास बांस-बल्ली के सहारे बिजली पहुंचाई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा लगाए गए कई बांस के खंभे सड़ चुके हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। पोल पर लगे तार काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे राहगीरों की सुरक्षा खतरे में है। तारों के मकड़जाल के कारण अक्सर स्थानीय फॉल्ट की समस्या आती रहती है। गर्मी के मौसम में कई बार तार गर्म होकर आपस में चिपक जाते हैं और नीचे सूखी घास-फूस में आग लग जाती है। वहीं, मझौवामीर के मुख्य चौराहे पर दर्जनों बिजली के तार लोगों के घरों से सटकर गुजर रहे हैं, जिससे खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने विभाग को कई बार प्रार्थना पत्रों के माध्यम से नए पोल लगवाने के लिए अवगत कराया है, लेकिन विभाग ने अभी तक एक भी बिजली का पोल नहीं लगवाया है। पूर्व प्रधान अब्दुल मुख्तार की दुकान के सामने भी दर्जनों उपभोक्ताओं के तार लटक रहे हैं, जो शॉर्ट सर्किट होकर गिर जाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जमदाशाही के क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहम्मद मुकीम ने बताया कि बांस-बल्ली पर आधारित विद्युत व्यवस्था लोगों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। इससे कभी भी निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं होती। अधिकारियों से शिकायत करने पर वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। इस संबंध में विद्युत जेई धनंजय सिंह का कहना है कि नए खंभों और केबल के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। जैसे ही सामग्री उपलब्ध होगी, उन्हें तुरंत लगवा दिया जाएगा।
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रूधौली में बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति:उपभोक्ता समाधान की कर रहे मांग, विभाग पर लापरवाही का आरोप
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